अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही की अदालत ने महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर तीन लोगों को सात-सात वर्ष का कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव गतौली निवासी दलबीर की पत्नी बबली ने 17 जुलाई 2012 को फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मृतका से सुसाइड नोट भी बरामद किया था। जिसमें गांव गतौली निवासी राममेहर, सतपाल उर्फ पाला और गांव जैजैवंती निवासी सुरेंद्र पर उसका जीवन खराब करने का आरोप लगाया गया है और उन्हें सजा दिलाने की बात कही गई थी।
आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले लोगों पर बबली ने सामूहिक दुराचार, अपहरण और बंधक बनाने का भी आरोप लगाया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही की अदालत ने गांव गतौली निवासी राममेहर, सतपाल उर्फ पाला तथा गांव जैजैवंती निवासी सुरेंद्र को सात-सात वर्ष का कारावास तथा दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।