यूपी से धान लाकर हरियाणा के किसानों के नाम पर सरकारी खरीद में खपाने की आशंका को लेकर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इंद्री में आढ़ती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के तीसरे दिन अब घरौंडा की नई अनाज मंडी में भी संदिग्ध धान आवक के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। यहां तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना गेट पास मंडी में दाखिल हुई थीं।
शिकायत में मेरी फसल मेरा ब्यौरा (एमएफबीएम) के किसान पंजीकरण विवरण के कथित दुरुपयोग से उत्तर प्रदेश के धान की ई-खरीद किए जाने की आशंका जताई गई है।
मार्केट कमेटी सचिव सुनील कुमार की शिकायत पर थाना घरौंडा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2) और 61 के तहत गांव बल्लाह निवासी कृष्ण और मंडी स्थित मैसर्स भीम सिंह संस के प्रोपराइटर अमित मान केस दर्ज किया गया है। हालांकि, धान का वास्तविक स्रोत क्या था और खरीद में किसी तरह की गड़बड़ी हुई, यह पुलिस जांच में स्पष्ट होगा। संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
सुबह पौने आठ बजे बिना गेट पास पहुंचीं ट्रालियां
शिकायत के अनुसार, 25 अक्तूबर को सुबह करीब 7:45 बजे नई अनाज मंडी के गेट नंबर तीन से तीन ट्रैक्टर-ट्रालियां बिना गेट पास दाखिल हुईं। इनका संबंध गांव बल्लाह निवासी कृष्ण और मंडी स्थित मैसर्स भीम सिंह संस के प्रोपराइटर अमित मान से बताया गया है। मंडी में भौतिक सत्यापन के दौरान धान की आवक से जुड़ी अनियमितताओं की आशंका सामने आई। इसके बाद मार्केट कमेटी ने पुलिस को शिकायत देकर जांच की मांग की।
किसान पंजीकरण से लेकर तौल रिकॉर्ड तक खंगालेगी पुलिस
मामले में धान के वास्तविक स्रोत, किसान पंजीकरण और ई-खरीद प्रक्रिया में संभावित दुरुपयोग की जांच होगी। मार्केट कमेटी ने पुलिस से किसान पंजीकरण व भूमि रिकॉर्ड, ई-खरीद प्रणाली के ऑडिट ट्रेल, गेट पास, वाहनों की आवाजाही, खरीद और तौल के दस्तावेज तथा उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज खंगालने का अनुरोध किया है। डीसी डॉ. आनंद शर्मा का कहना है कि यूपी से धान लाकर जिले की मंडियों में बेचने से जुड़ी अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खरीद प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि स्थानीय किसानों के हित सुरक्षित रहें और सरकारी खरीद में पारदर्शिता बनी रहे।