हरियाणा के जिले कैथल शहर में दर्शनीय स्थलों के रूप में विकसित किए जा रहे विभिन्न स्थलों की शृंखला में अब एक और नई सौगात जुड़ने जा रही है।
नगर परिषद कैथल की ओर से 400 साल पूर्व बने भाई उदय सिंह के किले को नया स्वरूप दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इस पर 40 से 50 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।
इसके लिए पुरातत्व विभाग की टीम को बुलाकर दौरा करवाया गया है। इसके विकसित हो जाने के बाद शहर में एक ही जगह पर शहीद भव्य शहीद स्मारक, ओपन एयर थियेटर और कुछ दूरी पर ही चिल्ड्रन पार्क होने से पूरा इलाका भव्य दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित होगा।
इससे सुबह और शाम भ्रमण करने वाले शहरवासियों को तो फायदा होगा ही, साथ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कभी कैथल की पहचान रहे भाई उदय सिंह के किले के पुननिर्माण से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
नगर परिषद के अनुसार इस प्राचीन किले के जीर्णोद्धार पर करीब 40 से 50 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें इसकी बाहरी दीवारों को उनका वास्तविक रूप दिया जाएगा। लाखौरी ईंटों से इस किले की टूटी-फूटी दीवारों का निर्माण कर इसे सजाया जाएगा।
रात को फ्लड लाइटों से जगमगाएगा किला
किले की बाहरी दीवार को परंपरागत तरीके से पुनर्निर्माण के बाद निकट ही बनाए जा रहे ओपन एयर थियेटर की ओर से फ्लड लाइटें लगाई जाएंगी।
इनकी दुधिया रोशनी में रात को किले की सुंदरता में कई गुणा वृद्धि होगी। किले के भीतर इस समय पुलिस थाना चलाया जा रहा है।
बदलेगी शहर की तस्वीर
किले के चारों ओर बनाए गए दर्शनीय एवं ऐतिहासिक स्थलों के चलते शहर की तस्वीर ही बदल जाएगी। किले के पुनर्निर्माण से पूर्व इसके निकट ही हरियाणा का पहला शहीद स्मारक बनाया जा चुका है।
इसमें आजादी के बाद के सभी शहीदों का नाम अंकित किया गया है। शहीद स्मारक और किले के बीच में खाली पड़ी जगह में ओपन एयर थियेटर और खेल का मैदान विकसित किया जा रहा है। इससे कुछ आगे ही चिल्ड्रन पार्क है।
सोलहवीं शताब्दी में पड़ी थी किले की नींव
साहित्यकार कमलेश शर्मा ने बताया कि अकबर ने 1556 से 1605 तक शासनकाल में इस किले का निर्माण करवाया था। लेकिन उस समय यह इतना बड़ा और पक्की ईंटों का नहीं था।
बाद में 1823 से लेकर 1843 तक कैथल के राजा रहे भाई उदय सिंह इस किले का पुनर्निर्माण करवाया था। इस तरह से करीब 190 सालों बाद इसका एक बार फिर से पुनर्निर्माण होने जा रहा है।