अब हरियाणा में भी पुलिसवालों की वर्दी दागदार होने लगी है। ऐसा ही एक मामला सामने आया प्रदेश के ऐलनाबाद थाने में। यहां विजीलेंस ने एक उपनिरीक्षक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
ऐलनाबाद के वार्ड छह निवासी रूपारानी ने परिवारजनों की मर्जी के खिलाफ उसी वार्ड के निवासी युवक लखविंद्र सिंह के साथ प्रेम विवाह किया और ससुराल में आकर रहने लगी।
इसके बाद युवती के परिजनों ने दोनों पर गत 28 जून को हमला कर घायल कर दिया था।
घायल रूपारानी ने अपने परिवार के कई सदस्यों को नामजद करते हुए मामला दर्ज करवाया था। इसमें रूपारानी के मामा दलबीर सिंह के नाबालिग बेटे विजय सिंह का भी नाम शामिल था।
दलबीर सिंह ने बताया कि जांच अधिकारी जय सिंह ने उसके बेटे को मामले से निकालने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
बाद में दस हजार रुपये देने तय किए गए थे। इसके बाद दलबीर सिंह ने उपनिरीक्षक को पांच हजार रुपये 16 अगस्त को दे दिए और शेष राशि देने के लिए 27 अगस्त की तिथि निर्धारित करते हुए मामले की जानकारी पुलिस कप्तान सौरभ सिंह को दी। इस पर पुलिस कप्तान ने कार्रवाई करते हुए मामला विजिलेंस विभाग को सौंप दिया।