हरियाणा के शहर के राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्राओं ने अध्यापिका पर दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाते हुए कक्षा का बहिष्कार कर दिया।
छात्राओं की मांग है कि अंग्रेजी की अध्यापिका को बदला जाए। अभिभावक भी छात्राओं के साथ डटे रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर कई घंटे तक पुलिस बल तैनात रहा। बीईओ मदन चोपड़ा ने दोनों पक्षों में सुलह करवाकर मामला शांत करवाया।
राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वीरवार को छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। छात्रा रजनी, ज्योति, अनीता ने आरोप लगाया कि अंग्रेजी विषय की अध्यापिका उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करती है।
बुधवार को अंग्रेजी अध्यापिका ने कई छात्राओं को परीक्षा कक्ष से भी बाहर कर दिया था। इसके बाद छात्राओं के अभिभावकों और स्कूल अध्यापकों के बीच बहस भी हुई थी। वीरवार को अभिभावक भी छात्राओं के पक्ष में आ खड़े हुए।
सभी शिक्षिका के तबादले की मांग कर रहे थे। हंगामे की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत करने के प्रयास भी किए लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी मदन चोपड़ा ने दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर बात की और मामले को शांत करवाया। बीईओ मदन चोपड़ा ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपनी बातों पर खेद जताया है और मामला खत्म कर दिया है।
इस पूरे हंगामे का केंद्र बिंदु रही अध्यापिका उर्मिला समझौते के आखिरी क्षणों तक छात्राओं के सारे आरोपों को नकारती रही हैं। छात्राओं को कक्षा से बाहर निकालने की बात पर अध्यापिका ने कहा कि नकल करने वाली छात्राओं को ही बाहर निकाला गया था।