श्री सैन भक्त मंदिर सभा एवं धर्मशाला और दी सोनीपत फल एवं सब्जी कमीशन
एजेंट्स एसोसिएशन के बीच विवाद कोर्ट से स्टे के बाद शांत हो गया।
इसके
बाद बुधवार से मंडी में जारी हड़ताल भी खत्म हो गई। मंडी का कामकाज शुरू
होने से जहां छोटे दुकानदारों ने राहत की सांस ली, वहीं ग्राहकों को भी
महंगे भाव में खरीदारी करने से राहत मिली। सैन समाज द्वारा उनकी दुकानों के
बाहर रास्ता बचाने के लिए कोर्ट से स्टे लिया गया है।
दुकानों का रास्ता बंद करने का आरोप
सैन
समाज के प्रधान सुरेश चौहान ने बताया कि सब्जी मंडी को जाने वाले रास्ते
पर उनके मंदिर एवं धर्मशाला का भी रास्ता लगता है। उन्होंने बताया कि 1940
में मंदिर और धर्मशाला का निर्माण किया था, उस समय से ही इस रास्ते पर उनकी
दुकानें भी बनी हुई हैं। जब वह अपनी दुकानों की मरम्मत कराने लगे तो मंडी
के पदाधिकारी उनके काम में बाधा पहुंचाने लगे और उनकी दुकानों के आगे दीवार
की चिनाई शुरू करने लगे। उन्होंने बताया कि मंडी एसोसिएशन के सदस्यों ने
दुकानों के आगे दीवार निकालकर गैर कानूनी ढंग से रास्ता बंद कर दिया।
उन्होंने बताया कि जब सरकार के आदेशों की पालना करके पिछले दिनों दीवार को
गिराया तो सब्जी मंडी के व्यापारियों ने हंगामा खड़ा कर सब्जी मंडी भी बंद
कर दी। सैन समाज ने अपनी दुकानों के आगे तीन-तीन फुट जमीन पहले से ही छोड़
रखी है। सुरेश चौहान ने बताया कि उन्होंने मामले में कोर्ट की शरण ली है और
कोर्ट ने उन्हें स्टे दे दिया है।
मंदिर कमेटी कर रही अवैध कब्जा
दी
सोनीपत फल एवं सब्जी कमीशन एजेंट्स एसोसिएशन के प्रधान ललित बत्रा ने
बताया कि लगभग तीन माह से श्री सैन भक्त मंदिर एवं धर्मशाला के पदाधिकारी
सब्जी मंडी की ओर दुकानें खोलकर व मंडी की दीवार तोड़कर उस पर गेट लगाकर
नाजायज कब्जा कर रहे हैं। सब्जी मंडी की जमीन पर सैन समाज के लोगों ने 13
दुकानों को खोलने की कोशिश की थी तो एसोसिएशन ने 6-7 फुट ऊंची दीवार बनवा
दी थी। उन्होंने कहा कि अब दोबारा से वह अपनी
दुकानों का रास्ता मंडी की
भूमि पर बनाना चाहते हैं, जो गलत है। उन्होंने बताया कि सैन समाज के लोगों
ने कोर्ट से स्टे ले लिया है। दी सोनीपत फल एवं सब्जी कमीशन एजेंट्स
एसोसिएशन के सदस्यों ने मार्केटिंग कमेटी के सचिव चंद्रप्रकाश के साथ
मीटिंग कर कोर्ट का सम्मान करते हुए हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने बताया
कि अगर फैसला उनके के हक में नही आता है तो वह आंदोलन करेंगे।