हरियाणा में पालिका और फायर कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अपना आंदोलन तेज कर दिया है। उन्होंने अपनी हड़ताल को तीन दिन और बढ़ाकर 16, 17 और 18 अगस्त तक कामकाज ठप रखने का एलान किया है। यह निर्णय सरकार के साथ हुई वार्ता विफल होने के बाद लिया गया है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने सरकार पर 13 मई को हुए समझौते की 17 मांगों को लागू न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार इन मांगों से पीछे हट रही है। शहरी स्थानीय निकाय एवं आयकर-कराधान मंत्री के वार्ता में शामिल न होने पर कर्मचारियों में रोष है। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत के नाम पर केवल दिखावा कर रही है।
हड़ताल का विस्तार और कारण
कर्मचारियों ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश के सभी पालिका परिषद और नगर निगम कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर "स्वतंत्र भारत में सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के साथ गुलाम जैसा व्यवहार क्यों?" विषय पर विचार गोष्ठियां हुईं। इनमें धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और मजदूर संगठनों के नेताओं ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। संघ नेताओं ने कहा कि सरकार के पीछे हटने के रवैये से कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार मानी गई मांगों के क्रियान्वयन के पत्र जारी नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।