भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान मिड फिल्डर सरदार सिंह ने कहा कि हॉकी का रूतबा भारत में फिर से लौटेगा और भारत की बादशाहात होगी।
उन्हाेंने 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाआें को अपने नाम मतदाता सूची में शामिल करवाने का संदेश भी दिया।
सरदार सिंह जीवननगर के नामधारी श्री गुरु हरि सिंह महाविद्यालय के अपने पुराने मैदान पर छोटे हॉकी खिलाड़ियों के साथ अभ्यास कर रहे थे।
वे पिछले पांच दिनों से अपने गांव संतनगर में थे। वे रविवार शाम दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां वे 28 दिसंबर से दिल्ली में शुरू हो रहे विश्व कप से पहले चौथे और अंतिम राउंड का अभ्यास शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से आधा दर्जन से अधिक एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान बनाए गए हैं। उन्हें खुशी है कि सरकार ने उनके पुराने मैदान जीवन नगर महाविद्यालय में, जहां उन्होंने बचपन में हॉकी के गुर सीखे हैं, एस्ट्रोटर्फ बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस मैदान पर साढे़ पांच करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इससे क्षेत्र के खिलाड़ियों को हॉकी में विश्व स्तर की सुविधाएं प्राप्त होंगी और बेहतरीन हॉकी के खिलाड़ी तैयार होंगे।
उन्हाेंने कहा कि भारतीय हॉकी का भविष्य उज्ज्वल है क्योंकि टीम को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कोच टेरीगोच से प्रशिक्षण लेने का मौका मिला है, जिससे टीम के मनोबल में इज़ाफा हुआ है।
उन्होंने कहा कि उनका और पूरी टीम का फोकस जुलाई 2014 में हालैंड में होने वाले विश्व कप पर है। भारतीय टीम इस कप के लिए क्वालीफाई कर चुकी है।
इससे पहले भारतीय हॉकी टीम को हॉकी इंडिया लीग और कई अंतरराष्ट्रीय खेलों में विश्व की बड़ी-बड़ी हॉकी टीमों के साथ खेलने का मौका मिलेगा, जिससे टीम में विश्वास और बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि हॉकी टीम के लिए वर्ष 2014 बेहद महत्वपूर्ण है। इस वर्ष विश्व कप के साथ-साथ एशियन गेम्स, राष्ट्रमंडल, चैंपियन ट्रॉफी, हॉकी इंडिया लीग होगा।
विश्व के बेस्ट फाइव हॉकी प्लेयर्स में शामिल सरदार सिंह ने 185 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिनमें से 35 अंतरराष्ट्रीय मैच उनकी कप्तानी में खेले गए।
उनकी कप्तानी में खेले गए अधिकतर 27 मैचों में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। उन्होंने छोटे बच्चों को हॉकी के टिप्स देते कहा कि हॉकी की बारीकियों पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देते अभ्यास जारी रखें तो निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
इससे पहले वे उपायुक्त डॉ. जे गणेसन से भी मिले। उन्होंने जिला प्रशासन के अनुरोध पर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाआें को अपने नाम मतदाता सूची में शामिल करवाने का संदेश भी दिया।