अवैध पिस्तौल के साथ पकड़े गए युवकों को छोड़ने के मामले में निलंबित चल रहे कुलां चौकी के एएसआई भाल सिंह ने फतेहाबाद के एसपी शिवचरण अत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इसके अलावा डीएसपी, विजीलेंस इंस्पेक्टर, सदर थाना प्रभारी और सिक्योरिटी इंचार्ज के खिलाफ भी लोकायुक्त को शिकायत भेजी है। भाल सिंह ने पुलिस अधिकारियों पर अपराधियों के माध्यम से रिश्वत मांगने और झूठे केसों में फंसाने के आरोप लगाए हैं। वहीं, उसने निलंबन मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से करवाने और आरोपी पुलिस अफसरों पर केस दर्ज करने की मांग की।
गांव धारसूल कलां निवासी राजेंद्र उर्फ काला ने कुलां चौकी प्रभारी एएसआई भाल सिंह को सूचना दी थी दो युवकाें के पास अवैध हथियार हैं। भाल सिंह ने सूचना के आधार पर दोनाें युवकाें को अवैध पिस्तौल के साथ हिरासत में लिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले की सूचना एसपी एससी अत्री को लगी तो उन्हाेंने एएसआई भाल सिंह को 11 सितंबर को निलंबित कर दिया।
यूं पकड़ा गया था एएसआई से वसूली करने वाला
16 सितंबर को राजेंद्र उर्फ काला भाल सिंह से यह कहकर फोन पर 50 हजार रुपये मांगने लगा कि उसकी एसपी से सीधी बातचीत है और वह उसे बहाल करवा देगा और अगर पैसे नहीं दिए तो उसके खिलाफ बयान देगा। एएसआई भाल सिंह ने इसकी सूचना विजीलेंस को दी। भाल सिंह ने राजेंद्र उर्फ काला को पैसे देने के लिए फतेहाबाद के सचिवालय के पास बुलवाया और विजीलेंस ने पैसे लेते हुए राजेंद्र को काबू कर लिया।
यह भेजी है शिकायत
लोकायुक्त को भेजी शिकायत में सस्पेंड चल रहे एएसआई भाल सिंह पुत्र हजारी राम निवासी बकरियांवाली सिरसा ने कहा है कि एसपी शिवचरण अत्री, डीएसपी मुख्यालय शमशेर सिंह दहिया, विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा, सदर थाना एसएचओ मुकेश कुमार और सिक्योरिटी इंचार्ज राजेश कुमार ने भ्रष्ट मकसद से अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। भाल सिंह ने उससे पैसे मांगने वाली काला के साथ बातचीत की सीडी के साथ ही काला और एसपी में कथित रूप से हुई कॉल डिटेल की सीडी भी शिकायत के साथ भेजी है।
भाल सिंह ने लिखा है कि विजीलेंस ने काला को 50 हजार रुपये लेते हुए पकड़ने के बाद एफआईआर दर्ज करने की बजाय एसपी को इसकी सूचना दी। बाद में शहर थाने में एएसआई बलदेव सिंह से एफआईआर नंबर 532 दर्ज करवाई गई। भाल सिंह का आरोप है कि पुलिस कप्तान के सीधे प्रभाव में काम करने वाला एएसआई इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकता। भाल सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने पुलिस स्टेशन में उस पर लगातार 3-4 घंटे दबाव बनाया। भाल सिंह ने मांग की है कि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। सीबीआई या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से इस मामले की जांच करवाई जाए कि राजेंद्र और पुलिस अधिकारियों में क्या गठजोड़ है। भाल सिंह ने अपने वकीलों के मार्फत पुलिस और सरकार के उच्चाधिकारियों को लीगल नोटिस भेजने की दावा किया है।
भाल सिंह पर गंभीर आरोप हैं। उसने अपराधियाें पर कानूनी कार्रवाई न करके उन्हें छोड़ दिया था और भाल सिंह की शिकायत पर ही राजेंद्र उर्फ काला पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जबकि इस मामले की डीएसपी मुख्यालय जांच कर रहे हैं। काला सिर्फ पुलिस का मुखबिर था। मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। निलंबित एएसआई भाल सिंह किसी तरह से अपना बचाव करना चाहता है।
- एससी अत्री, एसपी, फतेहाबाद