तिरंगे के मान-सम्मान के लिए रविवार को सेक्टर-23 में तिरंगा मेरी शान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शील मधुर ने की। उन्होंने लोगों को तिरंगे का मान-सम्मान करने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम में तिरंगा सेना का गठन किया गया।
शील मधुर ने बताया कि तिरंगा सेना राष्ट्रीय ध्वज के महत्व, इतिहास व आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी। यही नहीं राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए इसके रखरखाव से संबंधित ध्वज नियमों व प्रोटोकॉल की समुचित जानकारी देगी। उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज देश प्रेम की भावना व देशवासियों की आकांक्षाओं का पवित्र प्रतीक है। तिरंगा सेना एक खुशहाल और सशक्त भारत के निर्माण के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भी कार्य करेगी।
सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक शील मधुर ने लोगों से आह्वान किया कि वे इस वर्ष 22 जुलाई का दिन भारतीय ध्वज दिवस के रूप में मनाएं और तिरंगा मेरी शान मिशन को अपना समर्थन देकर राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित कराने में अहम भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि खुशहाल भारत निर्माण, देश की एकता व अखंडता के प्रतीक तिरंगे के सम्मान के लिए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर 22 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज दिवस के रूप में घोषित करने की मांग कर चुके हैं। शील मधुर ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेद का विषय है कि देश के गौरव के प्रतीक तिरंगे के सम्मान में अभी तक केंद्र में सत्तारूढ़ रही सरकारों ने राष्ट्रीय ध्वज दिवस की घोषणा नहीं की। कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त डीजीपी शील मधुर ने सेक्टर-23 में पौधरोपण भी किया।
68 दिन विशेष दिवस घोषित
शील मधुर ने कहा कि देश में करीब 68 दिन विभिन्न विशेष दिवस के रूप में घोषित हैं। विश्व में अनेक देशों में भी उनके राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित है, जिन्हें वे प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी सामाजिक संस्था सादर इंडिया के माध्यम से डेढ़ साल से 22 जुलाई का दिन राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित कराने की मांग कर रहे हैं। तिरंगा मेरी शान मिशन के माध्यम से देशवासियों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की गरिमा, महत्व व ध्वज को सम्मान के साथ फहराने के नियमों, प्रक्रियाओं व प्रोटोकॉल के बारे में समुचित जानकारी दे रहे हैं। अब एक एप तिरंगा मेरी शान के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित कराने व तिरंगा सम्मान समारोह के लिए भी जनसमर्थन जुटा रहे हैं।
26 जनवरी की घटना के बाद लिया शान बढ़ाने का संकल्प
शील मधुर ने कहा कि लाल किले पर 26 जनवरी 2021 की शर्मनाक घटना के पश्चात उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की शान बढ़ाने का संकल्प लिया और सादर इंडिया के तत्वाधान में 28 फरवरी 2021 को लाल किले पर तिरंगा सम्मान यात्रा निकाली। इस दौरान केंद्र सरकार से राष्ट्रीय ध्वज दिवस घोषित करने की मांग भी की। साथ ही 26 जनवरी 2021 को हर-हर तिरंगा, घर-घर तिरंगा नारे को गुंजित कर तिरंगे में निहित आदर्शो को जन-जन तक पहुंचाने पर बल भी दिया गया।
इसी दिन अस्तित्व में आया था तिरंगा
शील मधुर ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज 22 जुलाई 1947 को अपने वर्तमान स्वरूप और विशिष्ट मानदंडों के रूप में अस्तित्व में आया था। जिसे स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में भारत की संविधान सभा ने स्वीकार किया था और मान्यता दी थी। इसलिए 22 जुलाई का दिन राष्ट्रीय ध्वज दिवस के रूप में घोषित किया जाना उपयुक्त होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय ध्वज दिवस का प्रावधान देशभक्ति की भावना को आगे बढ़ाने, हर एक व्यक्ति का जीवन खुशहाल बनाने, देश की एकता व अखंडता को अधिक मजबूत बनाने व विश्व स्तर पर एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित होने में सशक्त भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा के सपने को साकार करने में हम अवश्य कामयाब होंगे। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय का आह्वान किया कि वह तिरंगे की शान बढ़ाने के लिए तिरंगा सेना में शामिल होकर अपना योगदान दें। बड़ी संख्या में युवाओं ने तिरंगा सेना में शामिल होकर देश के प्रति अपने समर्पण का संकल्प लिया।