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कौन था गैंगस्टर दीपक मान: बंबीहा गैंस से कैसे जुड़ा, परिवार से नाता तोड़ मां की मौत पर भी नहीं गया था घर

Mon, 02 Oct 2023 10:58 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

दीपक चार बहन-भाइयों में सबसे छोटा था। वर्ष 2017 में घर छोड़ दिया था। परिवार को रात साढ़े नौ बजे सोनीपत पुलिस ने दीपक की हत्या की सूचना दी। सोनीपत कैसे पहुंचा इससे परिजन अंजान है। बोले कि भाई ने कोई संबंध नहीं रखा हुआ था।
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दीपक मान का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत के गांव हरसाना में पंजाब के बंबीहा गैंग के गैंगस्टर दीपक मान की हत्या के मामले में परिजनों ने किसी तरह की जानकारी होने से इंकार कर दिया है। नागरिक अस्पताल में पहुंचे परिजनों का कहना है कि दीपक ने अपराध की दुनिया में कदम रखते ही सात साल पहले परिवार से नाता तोड़ लिया था।

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यहां तक की मां के निधन पर भी घर नहीं आया था। वहीं नागरिक अस्पताल में फोरेंसिक चिकित्सक नहीं होने के चलते दीपक के शव को सोमवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाने पर खानपुर भेज दिया गया। अब मंगलवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।

गांव हरसाना निवासी किसान सतबीर के खेत में रविवार देर शाम को युवक का शव मिला था। उनके खेत को पट्टे पर लेकर खेती करने वाले जगबीर ने पुलिस को बताया था कि वह खेत की सिंचाई करने करने गए तो उन्हें रजवाहे के पास युवक का शव दिखा। इस बारे में पुलिस को अवगत करवाया।
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पुलिस ने जांच की तो मृतक की पहचान पंजाब के जिला फरीदकोट के जैतो मंडी स्थित आंबेडकर नगर निवासी दीपक मान के रूप में हुई। वह पंजाब पुलिस का हिस्ट्रीशीटर था। दीपक के सिर और सीने में कई गोलियां मारकर हत्या की गई है।

सोनीपत के नागरिक अस्पताल में पहुंचे परिजनों से बातचीत करती सदर थाना पुलिस। 
पुलिस ने जगबीर के बयान पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। दीपक मान की हत्या की जिम्मेदारी अमेरिका में बैठे कुख्यात गैंगस्टर एवं लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ के नाम से बनाए सोशल मीडिया अकाउंट पर डाली पोस्ट में ली गई है।

सोमवार को तीसरे पहर करीब साढ़े तीन बजे दीपक के परिजन पोस्टमार्टम करवाने के लिए पहुंचे। शव लेने आए दीपक के बड़े भाई सोनू व चिंकी ने बताया कि उनके भाई ने वर्ष 2017 से परिवार से नाता तोड़ लिया था। वह जैतो के ही अमन से मिलकर दविंद्र बंबीहा के संपर्क में आया था। उसके बाद वह घर से चला गया था।

परिवार से नहीं रखा कोई नाता
चिंकी ने बताया कि दीपक चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उनका सबसे बड़ा भाई सोनू मैकेनिक है। वह भी उनके काम में हाथ बंटाता है। वर्ष 2017 में घर से जाने के बाद दीपक ने कभी उनसे नाता नहीं रखा। यहां तक की वर्ष 2021 में उनकी मां की मौत हो गई थी। मां के निधन पर भी वह घर नहीं आया था। ऐसे में उसके बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। सोनीपत पुलिस ने रविवार रात साढ़े नौ बजे उन्हें कॉल कर उसकी हत्या होने की जानकारी दी थी। परिजनों ने गोल्डी बराड़ और दीपक के आपराधिक मामलों में किसी तरह की जानकारी होने से मना कर दिया।

फोरेंसिक चिकित्सक और एक्स-रे नहीं होने के चलते नहीं हुआ पोस्टमार्टम
सोमवार को छुट्टी होने व परिजनों के दोपहर बाद आने पर फोरेंसिक चिकित्सक व एक्स-रे नहीं हो पाने के चलते सोनीपत नागरिक अस्पताल में दीपक के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर भेज दिया गया। समय अधिक होने के चलते अब मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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गांव हरसाना के खेत में युवक का शव मिला था। उसके परिजन दोपहर बाद पहुंच सके। शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर भेजा गया। जहां मंगलवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। -कर्मजीत सिंह, थाना प्रभारी, सदर सोनीपत।

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