पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त हुआ तो शीतलहर चलने लगी, जिससे रात का तापमान 6.6 डिग्री पर आ गया। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का मैदानी इलाकों में असर दिखने लगा है। वातावरण में ठंड घुलने लगी है। हवा चलने से एक्यूआई का स्तर भी सुधरा है और वह 100 दर्ज किया गया।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल सोनीपत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से दो दिन तक पूर्वी हवा चल रही थी, साथ ही आसमान में हल्के बादल भी छाए हुए थे। ऐसे में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। मंगलवार को मौसम का मिजाज फिर से बदल गया। पूर्वी हवा की जगह उत्तर-पश्चिमी हवा चलने लगी। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद हवा ने अब शीतलहर का रूप ले लिया है, जिसके असर के कारण मंगलवार को न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिनभर तेज हवा चलने के कारण धूप निकलने के बावजूद लोगों को ठंड का अहसास हुआ। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 21.9 और न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 21.3 और न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिनभर 13 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलती रही। मौसम विशेषज्ञ ने तीन दिन तक शीतलहर चलने की संभावना जताई है। दिसंबर माह के दूसरे पखवाड़े में तापमान 20 डिग्री से नीचे आने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने से हवा का प्रवाह बदल गया है। तापमान में कमी आई है। पहाड़ों से शीतलहर मैदानी क्षेत्रों में पहुंचनी शुरू हो गई है। हवा की गति तेज होने से अब वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ है।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके जगदीशपुर, सोनीपत।