पदक जीतने के बाद प्रशिक्षकों के साथ बजरंग पूनिया। खुशी मनाने बजरंग पूनिया के परिजन व परिचित।
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बजरंग की काबिलियत पर पूरा भरोसा, ओलंपिक में लाएगा सोना
बजरंग के पिता बलवान पूनिया ने कहा कि बजरंग जब भी मैदान में उतरा, खाली हाथ कभी नहीं लौटा। जापान के टोक्यो में हुए ओलंपिक में चोट के कारण बजरंग स्वर्ण पदक जीतने से चूक गया था। अब पेरिस ओलंपिक में बेटे से स्वर्ण पदक की उम्मीद है। मां ओम प्यारी ने कहा कि बेटा जब भी बाहर गया तो देश के लिए पदक जरूर लेकर आया है।
पहलवानों को मिली कड़ी चुनौती
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों को कड़ी चुनौती मिली, इसलिए ग्रीको रोमन का कोई पहलवान पदक नहीं जीत सका। वहीं विनेश फोगाट के अलावा कोई महिला पहलवान भी देश को पदक नहीं दिला सकी। पहले मुकाबले में हार के बाद विनेश को रेपचेज में मौका मिला। फ्री स्टाइल के पहलवान भी हारकर चैंपियनशिप से बाहर होते गए। पहली कुश्ती में बजरंग को बाई मिलने पर दूसरी कुश्ती में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। कुश्ती के बीच में चोट लगने पर सिर से खून बहने लगा, लेकिन बजरंग ने कुश्ती 5-3 से जीत ली। हालांकि वह अगली कुश्ती हार गए। वहीं रेपचेज में मौका मिलने पर बजरंग ने संघर्ष पूर्ण मुकाबले में 10-9 से कुश्ती जीतकर कांस्य जीता।
बजरंग का पदक जीतने का सफर
- वर्ष 2013 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य
- वर्ष 2018 में विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में रजत पदक
- वर्ष 2019 में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक
- वर्ष 2014 राष्ट्रमंडल व एशियन गेम्स में रजत पदक
- अप्रैल 2018 में ऑस्ट्रेलिया में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक
- अगस्त 2018 में जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक
- अप्रैल 2019 में चीन में हुई एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- मई 2019 में बुल्गारिया में हुए अली अलीयेव अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक
- अगस्त 2019 में जार्जिया में हुए तिबलिस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2020 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक
- वर्ष 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक