बिजली बिलों को लेकर विरोध करते गांव छिछड़ाना के ग्रामीण। संवाद
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गांव छिछड़ाना में ग्रामीण वीरवार को उस समय विरोध पर उतर आए, जब बिजली निगम की टीम बिल भरवाने के लिए पहुंची। ग्रामीणों ने जहां कंपनी पर बिल की राशि लेकर भागने और निगम पर दोबारा उसे जोड़कर भेजने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक पिछली राशि का समाधान नहीं होता, तब तक वह आगामी बिल नहीं जमा कराएंगे। ऐसे में ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम बैरंग लौट गई। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल व ब्लॉक अध्यक्ष संदीप उर्फ भगत सिंह ने किया।
सत्यवान नरवाल, भगत सिंह के साथ ही ग्रामीण अमित, जोगेंद्र, रविंद्र, उमेद आदि ने बताया कि गांव में बिजली का बिल भरवाने के लिए एक कंपनी के कर्मचारी आते थे। उनके जरिये ग्रामीणों ने अपना बिल जमा करा दिया था, लेकिन अब वह कर्मचारी भाग गए। उनका आरोप है कि कंपनी के भागने के बाद निगम ने ग्रामीणों को पिछला बिल भी अबकी बार जोड़कर भेज दिया है। यही नहीं उनका बिल ब्याज समेत भेजा गया है। ग्रामीणों ने कहा कि जब वे गांव में पहुंची टीम के पास गए तो उन्होंने पिछले बिल की रसीद मांगी, जबकि अधिकतर के पास रसीद नहीं है। इस पर ग्रामीणों ने टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले उनके पिछले बिल की राशि का समाधान करें, उसके बाद वह बिल भरेंगे। इस विरोध के बीच टीम वहां से उठकर चली गई।
जेई के आश्वासन के बाद भी नहीं माने ग्रामीण
छिछड़ाना में पहुंची टीम में कथूरा खंड के जेई कप्तान नरवाल भी थे। उन्होंने विरोध कर रहे ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जिनकी पिछली रसीद है, उनकी राशि कम कर दी जाएगी। इसके अलावा जिनके पास रसीद नहीं है, वह अपनी एक शिकायत लिखकर दे दें, ताकि उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर समस्या हल हो जाए। इसके बावजूद ग्रामीण नहीं माने और वह पिछले बिल का समाधान होने पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सही बिल दिया जाए, ताकि वह समय पर भर सकें।