भीषण गर्मी में लोगों का हाल बेहाल है। गर्मी में बीमारियां बढ़ने के कारण नागरिक अस्पताल में भी मरीज काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को बैठने के लिए बेंच तक नहीं मिल रहे। ऐसे में उन्हें फर्श पर लेटकर व बैठकर उपचार कराने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। हर चिकित्सक के कमरे के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। सोमवार को नागरिक अस्पताल में टीम गई तो वहां पर हर जगह अव्यवस्था मिली। अस्पताल में दवा वितरण काउंटर, ओपीडी पर्ची काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कमरों के बाहर तक मरीजों की लंबी लाइन लगी थी।
भीषण गर्मी में बुखार, डायरिया, चर्म रोग के साथ अस्थमा व नेत्र रोग के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा आंखों के मरीज पहुंच रहे हैं। गर्मी व लू चलने की वजह से जिला अस्पताल में आंखों में संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़े हैं। इससे आंखों में गंदगी आना, चिपचिपाहट, पुतली पर जख्म मिल रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या करीब 20 फीसदी है। आंखों की एलर्जी के मरीज 50 फीसदी बढ़ गए हैं। मरीज आंखों में जलन, खुजली, करकराहट के साथ ड्राई होने की दिक्कत बता रहे हैं।
ये करें उपाय
- बाहर जाते वक्त चश्मा लगाकर जाएं।
- घर आने पर साफ और ठंडे पानी से आंखों को धोएं।
- आंखों को रगड़े नहीं, अंगुली से आंख की गंदगी साफ न करें।
- जलन-खुजली होने पर घर में रखी पुरानी ड्रॉप न डालें।
-
गर्मी में अस्थमा के मरीज बढ़े
अधिक गर्मी होने से अस्थमा के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को धूल व मिट्टी से बचाव करना चाहिए। बाहर जाते समय मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही गर्मी में लोग अपना गला तर करने के लिए बाजार में शीतल पेय पदार्थों का अधिक सेवन कर रहे हैं। इससे कई लोगों को गले में खरास व छाले आदि की परेशानी हो रही है। इससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों में अधिकतर बच्चों में उल्टी-दस्त की शिकायत है। कुछ बच्चों में बुखार, सर्दी-जुकाम की शिकायत मिल रही है। वहीं गर्मी में पसीना आने से बुजुर्गों में इलेक्ट्रोलाइट (सोडियम पोटेशियम) की कमी आई है। इससे उन्हें थकान, कमजोरी, घबराहट महसूस हो रही है।
यह सावधानी बरतें
स्वच्छ रहें, शुद्ध जल व ताजे भोजन का सेवन करें।
हल्के कपड़े पहनें, धूप से बचें, पानी अधिक पीएं।
नींबू पानी, नारियल पानी, दही, छाछ आदि का सेवन करें। इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की मात्रा की पूर्ति होती है।
गर्मी में कमजोर होती है बच्चों की पाचन शक्ति
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अलंकृता गेरा ने बताया कि गर्मी में बच्चों की पाचन शक्ति अक्सर कमजोर हो जाती है। इसलिए बच्चों को हलका व पौष्टिक भोजन देना चाहिए। मौसम के अनुकूल फलों का सेवन बच्चों को कराएं। अगर शिशु की उम्र छह महीने से कम है और महिला उसे केवल स्तनपान करवा रही है तो उसे अतिरिक्त पानी देने की जरूरत नहीं है।
वर्जन
गर्मी में काफी संख्या में मरीज बढ़े हैं। मरीजों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था कर रखी है। अस्पताल में दो नेत्र रोग विशेषज्ञ और चार फिजिशियन मरीजों की जांच कर रहे हैं। मरीजों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जा रही।
- डॉ. संदीप लठवाल, उप चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल