सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस बी के मरीजों का इलाज शुरू हो चुका है। अब लोगों को हेपेटाइटिस बी के टेस्ट और उपचार के लिए पीजीआई रोहतक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग हेपेटाइटिस बी के मुफ्त टेस्ट के लिए मरीजों को कूपन जारी करेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का एक लैब से अनुबंध हुआ है। गुरुग्राम की कोर डायग्नोस्टिक्स लैब हेपेटाइटिस सी के साथ-साथ बी के भी टेस्ट करेगी।
उप सिविल सर्जन डॉ. रमन जैन ने बताया कि अस्पताल से कूपन जारी होने के बाद मरीज नागरिक अस्पताल के बाहर रजनी लैब पर सैंपल देगा। इन सैंपलों को जांच के लिए गुरुग्राम स्थित कोर डायग्नोस्टिस लैब पर भेजा जाएगा। वहां पर हेपेटाइटिस बी के लिए सैंपल की जांच की जाएगी। जांच में पुष्टि होती है तो मरीज को जिला अस्पताल से ही दवा उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस बी एक संक्रमित बीमारी है। यह संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सूई का इस्तेमाल करने और असुरक्षित यौन संबंधों से के कारण एक-दूसरे में फैलता है। हेपेटाइटिस बी के लक्षण जल्द नहीं दिखते हैं। लीवर पर असर दिखने के बाद इसके लक्षण सामने आते हैं। इसके बाद जांच करवाई जाती है। जांच में बीमारी का प्रभाव अगर बिल्कुल कम होता है तो दवा शुरू करने की जरूरत नहीं होती है। अगर ज्यादा है और लीवर पर असर पड़ सकता है। इसके मरीजों को हर साल टेस्ट करवाना होता है।
महीने में हेपेटाइटिस की जांच कराने आते हैं 8 से 10 लोग
नागरिक अस्पताल में पहले मरीज का यहां उपचार नहीं होने के कारण विभाग ने स्क्रीनिंग नहीं करवाई थी। इस कारण मरीज आता है तो उसे रोहतक पीजीआई भेज दिया जाता है। अब तक विभाग को जिले में हेपेटाइटिस बी के 23 मरीज मिल चुके हैं। पहले अस्पताल में कूपन की सुविधा नहीं होती थी तो मरीज को प्राइवेट लैब पर हेपेटाइटिस बी की जांच कराने के लिए 1500 रुपये देने पड़ते हैं। जिला अस्पताल में उपचार शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी। महीने में 8 से 10 लोग हेपेटाइटिस की जांच कराने आते हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस बी के मरीजों का मुफ्त इलाज शुरू हो गया है। अब तक विभाग की ओर से 23 मरीज मिल चुके हैं। अब लोगों को इसके इलाज के लिए पीजीआई रोहतक नहीं जाना पड़ेगा। - डॉ. रमन जैन, उप सिविल सर्जन