किसानों की घर वापसी के बाद आखिरकार 385 दिन के बाद कुंडली-सिंघु बॉर्डर से एक बार फिर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। हालांकि अभी इसे केवल छोटे वाहनों के लिए ही खोला गया है। प्रशासन का दावा है कि मरम्मत का काम पूरा होते ही भारी वाहनों के लिए भी मार्ग खोल दिया जाएगा। अभी तीन लेन से ही आवागमन हो सकेगा, जबकि बाकी लेन को बंद रखा जाएगा। वाहन चालकों को अभी धीमी गति से संभलकर चलना होगा।
बुधवार को सुबह से ही बॉर्डर खुलने व आवागमन शुरू होने की सूचना पर दिल्ली आवागमन के लिए बहुत से वाहन बॉर्डर की तरफ बढ़े थे, लेकिन रास्ता खुला न मिलने के कारण उन्हें यू टर्न लेना पड़ा। उसके बाद दूसरे लिंक मार्गों से होकर जाना पड़ा। ऐसे में बॉर्डर के दोनों ओर कई बार लंबा जाम लगा, जिसे बाद में पुलिस ने डायवर्ट किया।
एनएच-44 पर वाहनों का आवागमन शुरू होने से यहां से लोगों को काफी राहत मिली। आसपास क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वह अब समय पर ड्यूटी पर जा सकेंगे। सुनील, नीरज, राकेश, मनोज ने बताया कि उन्हें रोजाना ड्यूटी पर जाने के लिए काफी घूमकर जाना पड़ता था। अब छोटे वाहनों के लिए रास्ता खुल गया है। ऐसे में वह आसानी से आवागमन कर सकेंगे।
डीसी ललित सिवाच ने कहा कि फिलहाल केवल शुरुआती स्तर के इंतजाम किए गए हैं। मरम्मत के कार्य पर एनजीटी ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। ऐसे में मिट्टी व पत्थर डालकर गड्ढों को भरा गया है। छोटे वाहनों को ही यहां से गुजारा जा सकेगा, जबकि भारी वाहनों को फिलहाल लिंक मार्गों से होकर ही जाना होगा। वाहन चालकों को ट्रैफिक धीमा रखना होगा और संभलकर वाहन चलाना होगा।