सोनीपत में नेशनल हाईवे (एनएच)-334 बी पर गांव राई के पास तेज रफ्तार कार सड़क के बीच में रखे पत्थरों के बैरिकेड से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में आग लग गई, जिससे उसमें सवार एमबीबीएस के तीन छात्र जिंदा जल गए। हादसे में कार सवार बीडीएस के एक और एमबीबीएस के दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने राहगीरों व बिल्डर मैटेरियल सप्लायर के कारिंदे की मदद से घायलों को कार से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। जहां से उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। मरने वाले तीनों छात्रों के शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मरने वाले एक छात्र के पिता के बयान पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर व निर्माण कंपनी मालिक के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सभी एनएच-334 बी से मेरठ के रास्ते हरिद्वार जाने के लिए निकले थे। जब वे बुधवार देर रात करीब दो बजे गांव राई के पास पहुंचे तो हाईवे के फ्लाईओवर से पहले रास्ता बंद करने के लिए रखे गए भारी पत्थरों के बैरिकेड से उनकी कार टकरा गई। पत्थर से टकराने के बाद कार में आग लग गई, जिससे उसमें सवार रोहित, पुलकित व संदेश जिंदा जल गए। नरवीर, अंकित हुड्डा व सोमबीर गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने तीनों को घायलों को राहगीर की मदद से सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। सोमबीर की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने अग्निशमन विभाग की टीम को मौके पर कार में लगी आग को बुझाया। जिसके बाद तीनों छात्रों के शवों को बाहर निकाला गया। शव जल गए थे। पुलिस ने सामान्य अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में तीनों छात्रों की जलने से मौत होने की पुष्टि हुई है।
रोहित के पिता जय सिंह का आरोप है कि हाईवे के बीचोंबीच रखे पत्थर के चलते हादसा हुआ है। पत्थरों पर एनएचएआई की तरफ से कोई रिफ्लेक्टर, पेंट, चिह्न, मार्का, रोड डायवर्जन, ब्लिंकर लाइट जैसी कोई सुविधा नहीं दी गई है। मामले में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद दहिया ने लापरवाही की है। साथ ही गावड़ कंपनी की तरफ से लंबे समय से निर्माण कार्य किया जा रहा है। एनएचएआई व गावड़ कंपनी की लापरवाही से उसके बेटे सहित तीन की जान गई है। पुलिस ने जय सिंह के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।