फोटो :43: सोनीपत के गांव सांदल कलां में शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रोष जताते परिजन। स
गन्नौर(सोनीपत)। सांदल कलां गांव के आदित्य के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। हालांकि, अपहरणकर्ताओं की तरफ से भेजे गए संदेश से आदित्य के हनीट्रैप में शिकार होने की आशंका जताई जा रही है।
परिजनों ने बताया कि आदित्य भारतीय खाद्य निगम के कालूपुर स्थित गोदाम में कार्यरत थे। 10 दिसंबर को दिन के समय आदित्य घर आया। इसके बाद हेलमेट रखकर बाहर चला गया। फिर कोई सुराग नहीं मिला। एक दिन बाद उसके मोबाइल से वीडियो संदेश मिला।
इसमें लिखा था- सुन बात यो कबूतर म्हारे धोरे (पास) है। आगे अभद्र शब्द का प्रयोग कर लिखा है कि यो ब्याह में आया बिना रिश्तेदारी। फिर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर लिखा है कि यहां आकर यह फंस गया। इससे यह अंदाजा लग रहा है कि आदित्य किसी से मिलने गया और अपहरणकर्ताओं के जाल में फंस गया।
कल इसी समय तक 25 लाख रुपये तैयार रखना। पुलिस के पास गए तो यह जिंदा नहीं मिलेगा। इसके 35 लाख मांगने थे लेकिन जाति विशेष का नाम लेकर लिखा है कि इसलिए 25 ही मांगे। साथ ही पुलिस को भी रुपये देने की बात लिख है। फिर लिखा कि पैसे मिलते ही इसे एंबुलेंस में भेज देंगे।
पुलिस खंगाल रही सोशल मीडिया हिस्ट्री
परिजनों को मिले संदेश में युवती का जिक्र होने से पुलिस ने हनीट्रैप एंगल से जांच शुरू कर दी है। पुलिस आदित्य के मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया गतिविधि, कॉल रिकॉर्ड और चैट हिस्ट्री खंगाल रही है। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं युवती के बहाने तो उसे घर से बाहर नहीं बुलाया गया।
तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था आदित्य
आदित्य तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। पिता सोमपाल गांव में परचून की दुकान चलाते हैं। उन्होंने आरोप आरोप लगाया कि फिरौती वाला वीडियो और धमकी भरे संदेश मिलने के बावजूद शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते आदित्य की हत्या कर दी गई। परिजन और ग्रामीणों ने हमलावरों की गिरफ्तारी तक शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। प्रशासन के समझाने के बाद परिजन माने और आदित्य का अंतिम संस्कार किया।