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Sonipat News: विकास की हत्या के षड्यंत्र में सह आरोपी तत्कालीन इंस्पेक्टर ने किया आत्मसमर्पण

Tue, 29 Oct 2024 03:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। गन्नौर कोर्ट में हुई विकास दुधिया की हत्या के मामले में सह आरोपी बनाए गए तत्कालीन इंस्पेक्टर कंवल सिंह ने अदालत ने आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए की अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उसे 4 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। तत्कालीन इंस्पेक्टर ने जमानत की अर्जी भी लगाई है।

पानीपत के सिवाह गांव के रहने वाले वेदपाल ने 11 मार्च, 2016 को गन्नौर थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उनको सूचना मिली थी कि उनके चचेरे भाई विकास उर्फ दूधिया को गन्नौर कोर्ट परिसर में गोली मार दी गई है। वह गन्नौर के अस्पताल में पहुंचे थे तो विकास मृत अवस्था में मिला था। पता लगा था कि गोली मारने के आरोपी दिल्ली के मुंगेशपुर के गौरव और बरोणा के रूपेंद्र उर्फ नान्हा को मौके पर ही पकड़ लिया है। उनके साथ घेवरा निवासी रवि, बरोणा का अजय, दिल्ली का यशबीर, जाजी का राहुल भी थे। आरोपियों ने संदीप बड़वासनिया के कहने पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। भाई ने आरोप लगाया था कि वह 9 मार्च, 2016 को वह विकास से मिला था। उसने आरोप लगाया था कि गार्द इंचार्ज कंवल सिंह और और एएसआई भगत सिंह ने उसे धमकी दी है कि वह उसके साथी रामकरण और उसे दो तीन दिन में या तो खुद मार देंगे या मरवा देंगे।
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बाद में गन्नौर थाना पुलिस ने 6 जून, 2016 को फाइनल रिपोर्ट दाखिल की थी। जिसमें कहा गया कि घटना वाले दिन इंस्पेक्टर कंवल सिंह और एएसआई भगत सिंह और संदीप बड़वासनिया का भाई रविंद्र से कोई संपर्क नहीं था। फरवरी, 2018 को पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया गया। जिसमें भी उनका रोल नहीं बताया था। उसके बाद विकास दुधिया पक्ष की तरफ से 25 फरवरी, 2022 को सेक्शन 319 के तहत कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। जिसके बाद तत्कालीन इंस्पेक्टर कंवल सिंह को षड्यंत्र रचने में सह आरोपी बनाया था।
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अब आरोपी ने एएसजे सुभाष चंद्र सरोए की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब कंवल सिंह की जमानत पर 4 नवंबर को सुनवाई हो सकती है।
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