खरखौदा। क्षेत्र में लगातार बढ़ते अपराध से दहशत का माहौल है। अपराधियों के हौसले इन दिनों चरम पर हैं। दो दिन में हुई दो बड़ी वारदात ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि, पुलिस ने संगठित अपराध के मामले में मुकदमा दर्ज कर छह आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है मगर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस को भी धमकी दिए जाने से कई सवाल उठ रहे हैं।
वीरवार को पिपली गांव में पूर्व सरपंच के प्लॉट पर हथियारबंद हमलावरों ने दिनदहाड़े फायरिंग की थी। हमले में पूर्व सरपंच के भतीजे को गोली लगी थी तो दो अन्य को बुरी तरह पीटा गया था। पुलिस ने मामले में संगठित अपराध समेत हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी शराब कारोबारी भूपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था।
घटना के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि शुक्रवार को थाना कलां चौक पर पिता-पुत्र की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्कॉर्पियो सवार हमलावरों ने बाइक पर जा रहे गोपालपुर निवासी मोहित और उसके पिता धर्मबीर को टक्कर मारी और फिर अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था।
लगातार दो दिन में हुई इन सनसनीखेज वारदातों ने पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। आमजन में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
पुलिस पर टिप्पणी से उठ रहे सवाल
लगातार बढ़ते अपराध के बीच सोशल मीडिया पर पुलिस को लेकर की गई टिप्पणी से भी सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक पक्ष को धमकी देने के दौरान पुलिस को भी धमकी दी गई थी। जानकारों का कहना है कि हालात को संभालने और लोगों का भरोसा दोबारा जीतने के लिए पुलिस को पारदर्शिता और तत्परता के साथ कार्रवाई करनी होगी।