पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम का असर अब दैनिक उपयोग की हर वस्तु पर पड़ने लगा है। इस कारण फलों, सब्जियों के दामों में भी बेतहाशा वृद्धि हो रही है। खाद्य पदार्थों से लेकर ईंधन तक के बढ़ते दामों का असर नवरात्र की पूजा पर भी देखने के लिए मिल रहा है। पूजा की थाली भी 15 से 20 फीसदी तक महंगी हो गई है। चैत्र नवरात्र की दुर्गाष्टमी शनिवार को है। इस दिन श्रद्धालु मां महागौरी की पूजा कर कंजक पूजन करते हैं। दुर्गाष्टमी की पूर्व संध्या पर बाजारों में पूजन सामग्री खरीदने के लिए भक्तों की भीड़ रही। पूजन सामग्री महंगी होने के कारण भक्तों ने केवल जरूरी सामग्री ही खरीदी।
कोरोना महामारी के चलते दो साल बाद भक्त मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों का असर पर पूजा की थाली पर भी पड़ा है। सभी सामग्री यहां 15 से 20 फीसदी तक महंगी हो गई हैं। बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ पूजन के लिए विभिन्न प्रकार की तैयार थालियां खरीद रही है। माता के मंदिर को सजाने के लिए मालाएं, लड़ियां व लटकन भी खूब बिक रहे हैं। हालांकि गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष इन सामान की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। पहले ये सामान जहां 50 से 300 रुपये तक मिल जाता था, लेकिन ब इनकी कीमतें 80 से 500 रुपये तक पहुंच गई हैं।
बोले दुकानदार
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के कारण अन्य वस्तुएं भी महंगी हो गई हैं। कुट्टू के आटे से लेकर फलों के दामों में भी वृद्धि हुई है। इसके अलावा क्रॉकरी का सामान सबसे ज्यादा महंगा हुआ है। कोरोना महामारी के दो साल तक व्यापार प्रभावित रहने से इस बार नवरात्र पर अच्छा व्यापार होने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन महंगाई ने ग्राहकों को खरीदारी करने के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है। बाजार में भीड़ तो बढ़ी है, लेकिन ग्राहक खरीदारी कम कर रहे हैं। -गगन, दुकानदार।
पूजा की थाली में आमतौर पर नारियल, चुनरी, जौ, घी, कलावा, कलश, रोली, धूपबत्ती, अगरबत्ती, माला, बतासा, इलायची शामिल है। अधिकतर सामान के दाम गत वर्षों के मुकाबले काफी बढ़ गए हैं। पहले नारियल जहां 20 से 30 रुपये में मिल रहे थे, अब इसकी कीमत 40 रुपये पार कर गई है। जौ की थैली जो 5-10 रुपये तक में मिल रही थी, इस बार इसकी कीमत भी 15 रुपये तक पहुंच गई है। 400 से 600 रुपये प्रति किलो में बिकने वाला घी 550 से 800 रुपये तक पहुंच गया है। कलश 15 से 20 रुपये में मिलता था, अब 30 से 50 रुपये में मिल रहा है। नाशू, दुकानदार।
नवरात्र के दौरान दुर्गाष्टमी पर माता का भोग लगाकर व्रत खोला जाता है। नौ दिनों के व्रत में नौ देवियों की उपासना की जाती है। इस दौरान श्रद्धालुओं में माता के प्रति असीम श्रद्धा होती है। नवरात्र के दौरान कंजकों को भोजन करवाने के बाद उन्हें उपहार देते हैं। इस बार दामों में वृद्धि होने के कारण हर चीज महंगी हो गई है। जिस कारण उपहार खरीदते समय भी सोचना पड़ रहा है। फलों के दामों मेें भी 20 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। महंगाई ने घर के साथ ही रसोेई का बजट भी बिगाड़ कर रख दिया है। कमलेश, गृहिणी।
नवरात्र के चलते बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है। दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों को बेहतर तरीके से सजाया है। दुर्गाष्टमी व नवमी पर कन्याओं को देने के लिए स्टील व क्राकरी के कई उत्पाद व उपहार बाजार में आ गए हैं। कोरोना के बाद इस बार अच्छी खरीदारी की उम्मीद थी, लेकिन महंगाई ने फिर झटका दिया है। क्रॉकरी के दाम महंगे होने से ग्राहक खरीदारी से किनारा कर रहे हैं। जिस कारण इस नवरात्र पर भी व्यापार उम्मीदों के मुताबिक नहीं हुआ। नवीन, दुकानदार