अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने बच्ची का यौन शोषण करने के मामले में आरोपी तांत्रिक व पीड़िता की मां को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी तांत्रिक पर 80 हजार रुपये व महिला पर 70 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि में से 50-50 हजार पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।
सिटी थाना क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस को बताया था कि उसकी पत्नी तंत्र क्रिया करने वाले एक व्यक्ति के संपर्क में आ गई थी। इसके बाद उसने उसे भी घर से निकाल दिया था। व्यक्ति ने बताया था कि उसकी पत्नी जनवरी में 12 साल की बेटी को लेकर तांत्रिक के पास गई थी। वहां पर आरोपी ने उसकी बेटी का यौन शोषण किया था। उसने बताया था कि दो दिन पहले उसकी साली अपनी बहन के पास गई तो उसकी बेटी ने मौसी को मामले से अवगत कराया था। उसकी साली ने उसे मामले की सूचना दी। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में एएसआई सरिता की टीम ने आरोपी तांत्रिक बलराज उर्फ बलजीत के साथ ही बच्ची की मां को भी गिरफ्तार कर लिया था। महिला आरोपी के पास अपना गृह क्लेश मिटाने के लिए जाती थी। इसके बाद आरोपी ने सिटी थाना क्षेत्र में बच्ची का यौन शोषण किया था। आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी तांत्रिक व बच्ची की मां को दोषी करार दिया। बलराज व महिला को 6 पॉक्सो एक्ट में 20-20 साल कैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 323 में एक-एक साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना, 506 में एक-एक साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया है। इसके साथ ही बलराज को 10 पॉक्सो एक्ट में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।