प्रदेश में जहां 30 हजार बिजली कर्मचारी हड़ताल करेंगे, वहीं जिले के एक हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। बिजली कर्मियों की हड़ताल को अन्य विभागों के कर्मचारी भी सहयोग करेंगे। कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल के दौरान जिले भर की बिजली व्यवस्था केवल उन 64 कर्मचारियों पर निर्भर करेगी, जोकि ठेकेदार के अंतर्गत नौकरी कर रहे हैं। हड़ताल को लेकर बिजली निगम के कर्मचारी तैयार हैं तो दूसरी तरफ निगम के अधिकारियों तथा प्रशासन ने भी कमर कस ली है।
जगह-जगह ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के अलावा ठीकरी पहरे के भी आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, 500 से अधिक पुलिसकर्मी विभिन्न सब स्टेशनों पर तैनात किए गए हैं। खास बात यह है कि जिले के 34 पॉवर हाउस को संवेदनशील तथा पांच पॉवर हाउस को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। बुधवार को हड़ताल के पहले दिन इंदिरा कलोनी स्थित निगम कार्यालय पर बिजली कर्मचारी इकट्ठा होंगे।
जिले की बिजली व्यवस्था को 1064 कर्मचारी संभाल नहीं पाते, वहीं अब दो दिनों तक सिर्फ 100 लोग के हाथों में ही बिजली व्यवस्था रहेगी। इसमें से 64 ठेकेदार के कर्मचारी होंगे, वहीं 16 अधिकारी होंगे। बता दें कि पहले भी जिले में अघोषित कटों तथा फाल्ट के चलते बिजली की परेशान रहती है। मौसम खराब है और इन दो दिनों में अगर फाल्ट आया तो ठीक करना टेढ़ी खीर होगा।
गांवों में होगी सबसे ज्यादा परेशानी
बिजली विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर जाने का सबसे ज्यादा प्रभाव जिले के गांव पर पड़ेगा। क्योंकि शहर में बने हेड ऑफिस में अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहेंगे। ग्रामीण स्तर पर कुछ इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में गांवों की बिजली लाइन में कोई परेशानी आती है तो उसे ठीक करने में लंबा समय लग सकता है।
पांच अति संवेदनशील, 34 संवेदनशील
पूरे जिले में बिजली निगम के कुल 39 पावर हाउस और 15 दफ्तर हैं। इनमें सभी पर पुलिस सुरक्षा मांगी गई है। शहर में बने पांच पावर हाउसों को अतिसंवेदनशील और 34 पावर हाउसों को संवेदनशील माना गया है। सूची तैयार कर निजी कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है, ताकि किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो।
कर्मचारियों की यह है स्थिति
जिले भर में बिजली निगम के पास 1064 सरकारी कर्मचारी है। जिनमें से 16 र्सकल में, 304 गोहाना, 364 सीटी, 380 सब डिविजन में है। 116 कर्मचारी डीसी रेट पर लगाए गए हैं और 64 कर्मचारी ठेके पर भर्ती किए गए हैं। सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे, लेकिन डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों का अभी तक यह नहीं पता कि वे हड़ताल करेंगे या नहीं। इसलिए निगम दो दिनों में अपने पास सिर्फ 64 कर्मचारियों को ही मान कर चल रहा है।
जिले के दो डिवीजन का भी नाम निजीकरण में शामिल
प्रदेश के 23 सब डिविजन के निजीकरण में जिले के दो सब डिवीजन का नाम भी है। जिनमें सोनीपत शहर में इंडस्ट्रियल एरिया और सिटी सब डिवीजन यूनिट का निजीकरण किया जाना है। इसलिए इन दोनों पर प्राइवेट कर्मचारियों के साथ अधिकारियों को भी तैनाती की गई है।
गांवों में ठीकरी पहरे के दिए आदेश
जिला मजिस्ट्रेट के मकरंद पांडुरंग ने पंजाब विलेज एंड स्माल टाउन एंड पैट्रोल एक्ट 1918 की धारा-3 के तहत आदेश जारी किए थे, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि बिजली कमयों की हड़ताल को देखते हुए क्षेत्र में ठीकरी पहरा लगवाया जाना जरूरी है। इसलिए शहर/गांवों और कस्बों में तुरंत ठीकरी पहरा लगाकर गश्त की जाएगी। ये आदेश 28 जून से एक जुलाई तक जारी रहेंगे।
कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर बिजली निगम ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। निजी कर्मचारियों का सहयोग भी लिया जाएगा।
एसएन शर्मा, एसई, बिजली निगम।
जिले में हड़ताल को देखते हुए किसी भी प्रकार की कोताई नहीं बरती जाएगी। असामाजिक तत्वों से भी सख्ती के साथ निपटा जाएगा। आम जनता का सहयोग मांगा गया है। बिजली को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
केएम पांडुरंग, डीसी, सोनीपत।