सोनीपत। नगर निगम की ओर से जुलाई में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) काे चालू कर दिया जाएगा। इससे मुरथल के लोगों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी।
मुरथल विश्वविद्यालय के पीछे निर्मित एसटीपी में मशीनरी स्थापित की जा रही है। एसटीपी चालू होने से ढाबों, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुराड़, आरके कॉलोनी के लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। मुरथल में होटलों व ढाबों से निकलने वाला दूषित पानी भरा रहता है जिससे लोगों को परेशानी होती है। नगर निगम ने मार्च तक एसटीपी का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन काम में लेटलतीफी के चलते जून तक का समय दिया गया।
सीवर लाइन व एसटीपी के निर्माण के लिए मुरथल ढाबा एसोसिएशन के सदस्य 15 वर्ष से मांग कर रहे थे। नगर निगम ने वर्ष 2017 में मुरथल के ढाबों के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (जीटी राेड) के साथ 1008 मीटर सीवर लाइन डालने का काम शुरू कराया था ताकि ढाबों के पानी की निकासी हो सके। इस सीवर लाइन को 9.5 करोड़ रुपये की लागत से मुरथल विश्वविद्यालय के पीछे बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाएगा। इस प्लांट की क्षमता तीन न्यूनतम तरल निर्वहन (एमएलडी) है। नगर निगम ने इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य अब 30 जून निर्धारित किया है। एसटीपी चालू होने के बाद ढाबा संचालकों को काफी राहत मिल सकेगी।
मुरथल विश्वविद्यालय के पीछे बनने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च (ट्रैफिक पार्क) के लिए परिवहन विभाग को साढ़े 16 एकड़ जमीन दी गई है। इसके चलते सीवर लाइन की लंबाई करीब 300 मीटर और बढ़ानी पड़ी। अब यह पाइप लाइन 1308 मीटर में बिछाई जा रही है जिसके चलते सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करने में देरी हुई।
मुरथल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में पहुंचाया जाएगा पानी
मुरथल के ढाबों से निकलने वाले पानी का शोधन कर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में प्रयोग किया जाएगा। ढाबों का शोधित पानी प्लांट में कूड़े को गलाने में प्रयोग किया जाएगा। जेबीएम कंपनी की ओर से ताजपुर रोड पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बना रखा है। इसमें सोनीपत, गन्नौर, पानीपत व समालखा शहर के कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। इसी कूड़े से बिजली बनाई जा रही है। कूड़े को गलाने के लिए ज्यादा मात्रा में पानी की आवश्यकता रहती है। यह प्लांट उस जगह लगा रखा है, जहां भूजल स्तर में गिरावट आने की आशंका के चलते ढाबों का पानी प्लांट तक पहुंचाने का निर्णय लिया था। कंपनी की ओर से प्लांट से मुरथल एसटीपी तक साढ़े सात किलोमीटर लंबी लाइन डाली जाएगी। इसके बाद ढाबों का पानी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा।
वर्जन
मुरथल के ढाबा मालिकों की सुविधा के लिए काम पूरा करके एसटीपी को चालू कर दिया जाएगा। वर्तमान में एजेंसी की ओर से एसटीपी पर मशीनरी स्थापित करने का काम किया जा रहा है। इसके बाद ट्रायल प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसटीपी को चालू कर दिया जाएगा।-विशाल गर्ग, अधीक्षण अभियंता नगर निगम।