सोनीपत। सरकार की खेलों के प्रति खिलाड़ियों को उत्साहित करने वाली योजनाएं सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं। खिलाड़ी जरूरी सुविधाओं से वंचित हैं।
सरकार का 1 अप्रैल से खेल नर्सरियां को शुरू करने का प्रयास डेढ़ माह बाद भी सफल नहीं हो पाया है। जिले में निजी खेल नर्सरियां आज तक शुरू नहीं हो पाई हैं। वहीं सरकारी खेल नर्सरियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। खिलाड़ियों की संख्या व उनमें उत्सुकता बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने जिला में खेल नर्सरी प्रारंभ करने की योजना तैयार की थी। इसके तहत खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के साथ आयु वर्ग के अनुसार खुराक के लिए भत्ता भी मुहैया करवाया तय है, लेकिन विभागीय ढीलापन योजना को सिरे नहीं लगा पा रहा है। परीक्षा के दौरान फरवरी व मार्च में खेल नर्सरियां बंद रहती हैं। इन्हें 1 अप्रैल से पुन: शुरू किया जाना था, लेकिन निजी नर्सरियां अब तक शुरू नहीं हो पाई हैं। ऐसे में जहां खिलाड़ी अभ्यास से वंचित हैं, वहीं उन्हें खुराक भत्ता भी नहीं मिल रहा है।
जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि जिला में वर्ष 2023-24 में 86 खेल नर्सरियां थी। यह वर्ष 2024-25 में बढ़कर 115 हो गईं। जिले से खेल नर्सरी खोलने के लिए करीब 285 आवेदन मुख्यालय को भेजे गए थे।
2025-26 सत्र के लिए 77 खेल नर्सरियां शुरू हो चुकी हैं। अधिकारियों ने बताया कि करीब 40 और निजी नर्सरियों के खुलने की संभावना है। यह आंकड़ा 120 तक पहुंच सकता है। खिलाड़ियों के अभ्यास व खुराक भत्ते की सुविधा के लिए प्रयास जारी हैं। जल्द ही निजी नर्सरियों की सूची जारी की जाएगी।