दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर खरीद मामले में गड़बड़ी सामने आई है। कंप्यूटर खरीदने के लिए ना नोटिस निकाला गया, ना कंपनियों से मोल भाव किया गया और उसके बावजूद 1.18 करोड़ रुपये के कंप्यूटर खरीद लिए गए। यह खुलासा सीएम फ्लाइंग की जांच में हुआ है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। गड़बड़ी करने वालों पर अब गाज गिर सकती है, क्योंकि अब शासन स्तर से इस पर फैसला लिया जाना है। हालांकि अभी यूनिवर्सिटी प्रशासन को इस जांच रिपोर्ट के बारे में नहीं बताया गया है।
2015 में होनी थी 750 कंप्यूटर की खरीद
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी में वर्ष 2015 में 750 कंप्यूटर खरीदे जाने थे। यह कंप्यूटर तीन बार में 250-250 खरीदने थे, जिसकी नियम के अनुसार पूरी प्रक्रिया होती है। इसके बावजूद नियमों को नजरंदाज करते हुए कंप्यूटर खरीदने शुरू कर दिए गए और इसकी शिकायत होने पर सीएम फ्लाइंग से जांच शुरू कराई गई। सीएम फ्लाइंग की जांच शुरू होते ही 500 कंप्यूटर की खरीद पर रोक लगा दी गई थी, जबकि 1.18 करोड़ रुपये के 250 कंप्यूटर पहले ही खरीदे जा चुके थे। उनकी खरीद में कमीशनखोरी का आरोप लगा था। इसकी जांच रिपोर्ट अब शासन को सौंप दी गई है।
इस तरह पकड़ में आई गड़बड़ी
सीएम फ्लाइंग ने जांच करने के लिए कंप्यूटर खरीद से संबंधित सभी कागजात यूनिवर्सिटी से अपने कब्जे में लिए। जांच शुरू करते हुए देखा गया कि कंप्यूटर खरीद के लिए विज्ञापन नहीं निकाला गया है। हालांकि कुछ कंपनियों से कंप्यूटर की कोटेशन जरूर ली गईं और वह भी अलग-अलग कंप्यूटर की ली गई। किसी एक कंपनी के कंप्यूटर की कोटेशन अलग-अलग से नहीं ली गई, जिससे यह पता चल सके कि कौन-कौन किस दाम में उस कंपनी का कंप्यूटर देगा। इसके बाद मोल भाव भी नहीं किया गया और गुणवत्ता जांचने के लिए कोई कमेटी भी नहीं बनाई गई। यह सभी बात सीएम फ्लाइंग की जांच रिपोर्ट में लिखकर शासन को भेजी गई है।
यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर खरीदने में गड़बड़ी की गई है। उसके लिए ना कोई विज्ञापन जारी किया गया और ना मोल भाव किया गया। गुणवत्ता जांचने के लिए कमेटी भी नहीं बनाई गई। यह सब कुछ जांच रिपोर्ट में लिखकर शासन को भेज दी गई है।
-अजीत सिंह, डीएसपी सीएम फ्लाइंग
कंप्यूटरों की खरीद मेरे कार्यकाल के दौरान नहीं की गई है। वहीं, इसकी जांच के बारे में भी मुझे जानकारी नहीं है।
-प्रो. टंकेश्वर कुमार, वीसी