राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट पर रुका हुआ काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए सरकार की ओर से 45 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। यहां पुलिस स्टेशन, फायर स्टेशन, सीएचसी, ट्रांसमिशन लाइन, रेनीवाल के प्रोजेक्ट का काम रोका हुआ है, क्योंकि पिछले छह महीने से सरकार की ओर से इनके लिए कोई बजट नहीं दिया गया था। इन सभी प्रोजेक्ट पर काम रोकने के कारण ठेकेदार भी भाग रहे हैं तो मजदूर भी जाना शुरू कर चुके हैं। अब सरकार के बजट देने के बाद अगले महीने तक काम दोबारा से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
2006-07 में अधिग्रहण की गई थी जमीन
राई में राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के लिए 2006-07 में कई गांवों की जमीन का अधिग्रहण करके काम शुरू कराया गया था। वहां कई शिक्षण संस्थान होने के कारण सुरक्षा को देखते हुए पुलिस स्टेशन के अलावा फायर स्टेशन, सीएचसी, ट्रांसमिशन लाइन, रेनीवाल के प्रोजेक्ट पर दो साल पहले काम शुरू किया गया था। इनमें पुलिस स्टेशन को सात करोड़ रुपये, फायर स्टेशन को 7.5 करोड़ रुपये, सीएचसी 5 करोड़ रुपये, ट्रांसमिशन लाइन 45 करोड़ रुपये, रेनीवाल 50 करोड़ रुपये से बनाए जाने हैं।
40 से 70 प्रतिशत तक हो सके हैं काम
इनके लिए सरकार ने दो साल पहले शुरुआती बजट दिया जो लगभग 50 करोड़ रुपये था। उसके आते ही विभागीय अधिकारियों ने सभी प्रोजेक्ट पर काम शुरू करा दिया गया, लेकिन सरकार से मिला रुपया खत्म होता देख दोबारा बजट मांगा गया तो वह नहीं मिल सका। उसके बाद भी ठेकेदार अपने स्तर से काम कराते रहे, लेकिन छह माह पहले स्थिति ऐसी आ गई कि विभागीय अधिकारियों तक ने बजट नहीं मिलने के कारण ठेकेदारों के सामने हाथ खड़े कर दिए। इससे इन सभी प्रोजेक्ट का 40-70 प्रतिशत तक होने के बाद बीच में छोड़ दिया गया था और यह काम पिछले छह महीने से रुका हुआ था। इसके लिए बार-बार बजट मांगने के बावजूद नहीं मिल सका था। अब सरकार का बजट जारी होने के बाद लगभग 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे यह सभी प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे। इस तरह राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में इस साल के अंदर ही यह सभी काम शुरू हो सकते हैं, क्योंकि अगले महीने तक इनके लिए बजट आने की उम्मीद है।
रेनीवाल से मिलना है पानी, ट्रांसमिशन लाइन से अलग होगी बिजली
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी को बने हुए 10 साल का समय होने वाला है, लेकिन उसके बावजूद वहां अभी तक पानी तक की व्यवस्था नहीं है। वहां, जितनी भी शिक्षण संस्थान व अन्य संस्थान हैं, उनको पानी की व्यवस्था खुद ही करनी पड़ती है। इस समस्या को दूर करने के लिए रेनीवाल बनाया जा रहा था, जिससे यमुना का पानी राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में लाकर उसका इस्तेमाल किया जा सके। इसके अलावा ट्रांसमिशन लाइन का प्रोजेक्ट पूरा होने से राजीव गांधी एजूकेशन सिटी की लाइन अलग हो जाएगी, जिसको अन्य जगह की लाइन पर निर्भर नहीं पड़ेगा।
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में पुलिस स्टेशन, फायर स्टेशन, रेनीवाल, सीएचसी, ट्रांसमिशन लाइन का काम कराने के लिए बजट नहीं था, जिससे काम रोक दिए गए थे। इसके लिए 45 करोड़ रुपये के बजट की डिमांड की गई थी, जिसे मान लिया गया है। यह रुपया अगले महीने तक आने की उम्मीद है, जिससे सभी प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे।
-डीके आहुजा, एक्सईएन राजीव गांधी एजूकेशन सिटी