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सोनीपत: यूक्रेन में फंसा शिवम लौटा वतन, हवाईअड्डे पर गले लगा रो पड़ी मां, परिजनों के छलके खुशी के आंसू

Sun, 27 Feb 2022 10:38 PM IST
भूपेंद्र सिंह कपिल शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, गन्नौर, सोनीपत (हरियाणा)

सार

परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे थे। यूक्रेन में फंसे अन्य विद्यार्थियों की सलामती के लिए भी परिजनों ने ईश्वर से प्रार्थना की।
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दिल्ली हवाई अड्डे के बाहर बेटे को गले लगाकर भावुक हुई मां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यूक्रेन में बिगड़े हालात के बीच फंसा हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर का शिवम रविवार को हंगरी से दिल्ली पहुंची एयर इंडिया के फ्लाइट से अपने वतन लौटा है। हवाई अड्डे के बाहर निकलते ही शिवम की मां नीलम शर्मा लाडले को गले लगा फफक पड़ीं। भावुक हुई मां को शिवम ने मुश्किल से चुप करवाया। गन्नौर पहुंचने पर परिजनों ने लाडले को सिर आंखों पर बैठाया और मिठाई खिलाई। परिजनों ने यूक्रेन में फंसे अन्य विद्यार्थियों की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। सकुशल घर पहुंचने पर शिवम ने भी खुशी जाहिर की।

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गन्नौर निवासी 21 वर्षीय शिवम ने बताया कि यूक्रेन और रूस के बीच 23 फरवरी को युद्घ शुरू हो गया था। जिसमें वहां तनाव का माहौल बन गया और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे सभी भारतीय विद्यार्थी वहां फंस गए। शिवम ने बताया कि बुधवार को उन्हें जानकारी दी गई कि रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है। 26 फरवरी को मुझे घर वापस आना था, लेकिन हवाई यात्रा रद्द होने से नहीं आ सका।

जिसके बाद हम सभी विद्यार्थी अपने होस्टल में रहे। हमारे खाने-पीने की पूरी व्यवस्था विश्वविद्यालय ने की। मैं लगातार परिजनों के संपर्क में रहा, लेकिन शुक्रवार को वहां नेटवर्क नहीं होने से परिजनों से संपर्क टूट गया था। जिसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई। 24 घंटे बीत जाने के बाद ही परिजनों से संपर्क हुआ।
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तब परिजनों को बताया कि विश्वविद्यालय की बस से हंगरी ले जाया जाएगा और वहां पहुंचने के बाद अपने देश भारत वापस आ सकेंगे। शिवम रविवार को 12 बजे दिल्ली इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर पहुंचा और परिजनों से मिलकर गदगद हो गया।

बेटे के सुरक्षित दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचने पर शिवम के परिजनों ने बेटे को गले लगा लिया। गले लगाकर मां की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। मां नीलम शर्मा ने बताया कि उनका बेटा सुरक्षित अपने घर पहुंच गया, इससे बड़ी खुशी उनके लिए कुछ भी नहीं है।

पिता ने जताया सरकार का आभार
शिवम के पिता राजेश शर्मा ने बेटे के सुरक्षित घर पहुंचने पर सरकार का आभार जताया है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के सुरक्षित घर पहुंचने की कामना की है। राजेश शर्मा ने बताया कि बेटे की चिंता में पिछले तीन दिन से घर में खाना तक नहीं बना। आज बेटे के सुरक्षित घर पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल है। आज बेटे के पसंदीदा व्यंजन बनाकर उसे खिलाएंगे। उन्होंने सरकार से यूक्रेन में फंसे अन्य भारतीय विद्यार्थियों को जल्द वतन वापस लाने की अपील की। 

शिवम की जुबानी, चार दिन की कहानी
शिवम ने बताया कि मैं 5 दिसंबर को यूक्रेन के उजगोद शहर गया था। इसके बाद 15 दिसंबर को मेरी पढ़ाई शुरू हो गई थी। शिवम का प्रथम सेमेस्टर पूरा हो चुका था। हमले के बाद हम तीन दिन तक हॉस्टल में रहे। भारतीय दूतावास द्वारा देरी से सलाह (एडवाइजरी) जारी की गई। जिस कारण सभी विद्यार्थी वहीं फंस गए। रूस के हमले के बाद से अब तक का समय भय के साये मेें बीता है।

शनिवार को उन्हें विश्वविद्यालय की 5 बसों में हंगरी लाया गया। इसके लिए विश्वविद्यालय की तरफ से प्रति विद्यार्थी 50 डॉलर किराया लिया गया। हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने किसी भी विद्यार्थी पर यह रकम देने के लिए दबाव नहीं डाला। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास पैसे नहीं हैं तो वह भी बस में बैठ सकता है। बाद में हालात सामान्य होने पर दे सकता है।

शनिवार को 5 बस द्वारा हमें हंगरी लाया गया। करीब 250 विद्यार्थियों ने हंगरी पहुंचने के बाद ही राहत की सांस ली। शनिवार रात करीब 12 बजे एयर इंडिया द्वारा उन्हें सुरक्षित भारत लाया गया। शिवम ने कहा कि वतन वापसी के लिए सरकार ने पूरी मदद की है।
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अगर सरकार मदद नहीं करती तो वापस आना मुमकिन नहीं था। हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद भारत सरकार व हरियाणा सरकार ने उनका स्वागत किया और सभी बच्चो को उनके घर तक पहुंचाने के लिए साधन भी मुहैया कराए।

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