सोनीपत। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग एक अगस्त से जिलेभर में सुरक्षित जननी माह शुरू करेगा। अगस्त महीने में चलने वाले अभियान में करीब 14 हजार गर्भवतियों की एएनसी सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच की जाएगी। अभियान का उद्देश्य हाई रिस्क गर्भवतियों की समय रहते पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाले जोखिम और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को लेकर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैयारियां पूरी कर ली हैं। जांच के दौरान जिन महिलाओं में जटिलता या हाई रिस्क गर्भावस्था के संकेत मिलेंगे। उन्हें तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर कर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और समय पर उपचार से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने के साथ समय से पहले प्रसव और अनावश्यक सिजेरियन की संभावना भी कम की जा सकती है।
लगाए जाएंगे विशेष जांच शिविर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उपमंडल नागरिक अस्पताल, जिला नागरिक अस्पताल, ईएसआई अस्पताल और बीपीएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल, खानपुर कलां में विशेष जांच शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक गर्भवती महिला की एंटी नेटल केयर (एएनसी) जांच के साथ रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, रक्त शर्करा, रक्त जांच और अल्ट्रासाउंड की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
गांव-गांव जाकर की जाएगी गर्भवतियों का पहचान
अभियान में आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रहेगी। वे गांव-गांव जाकर गर्भवतियों की पहचान करेंगी। उन्हें निर्धारित तिथि पर स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाएंगी। जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समेत केंद्र व राज्य सरकार की मातृत्व कल्याण योजनाओं की जानकारी भी देंगी।
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सुरक्षित जननी माह के दौरान जिले की लगभग 14 हजार गर्भवतियतों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक गर्भवती को जरूरत के अनुसार सभी जरूरी जांच, परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और मां एवं शिशु दोनों के स्वास्थ्य की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
डॉ. नीरज यादव, उप सिविल सर्जन, सोनीपत