सोनीपत। दिल्ली-करनाल नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में अब काम धरातल पर आगे बढ़ने लगा है। दिल्ली के आईटीओ क्षेत्र में भू-तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद अब सोनीपत के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में मिट्टी की जांच शुरू कर दी गई है। 136 किलोमीटर लंबे दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए यह तकनीकी सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को गति मिली है। भू-तकनीकी जांच पूरी होने के बाद स्टेशन, पिलर और एलिवेटेड ट्रैक की डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर निर्माण से जुड़े तकनीकी मानक तय किए जाएंगे।
आरआरटीएस शुरू होने से सोनीपत को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। रोजगार, शिक्षा और कारोबार के लिए रोजाना दिल्ली जाने वाले लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन विकल्प मिलेगा। वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बढ़ते यातायात दबाव और रेलवे में भीड़ के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। नमो भारत सेवा शुरू होने के बाद दिल्ली और सोनीपत के बीच यात्रा समय में कमी आने की संभावना है।
परियोजना पूरी होने के बाद राई, कुंडली, मुरथल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। आरआरटीएस केवल परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के विकास का नया गलियारा साबित हो सकती है।
मिट्टी जांच से तय होगी निर्माण की मजबूती
बड़े आधारभूत ढांचे की शुरुआत भू-तकनीकी परीक्षण से होती है। इसमें मिट्टी की भार क्षमता, भूगर्भीय स्थिति और निर्माण योग्यताओं का अध्ययन किया जाता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर पिलरों की नींव, स्टेशन की संरचना और एलिवेटेड ट्रैक की डिजाइन तय होगी। कुंडली में शुरू हुआ सॉयल टेस्टिंग कार्य परियोजना की मजबूत नींव तैयार करने की दिशा में अहम कदम है।
मेट्रो और नमो भारत से बदलेगी परिवहन व्यवस्था
रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो विस्तार और दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर पर समानांतर काम चल रहा है। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कुंडली और सोनीपत क्षेत्रीय परिवहन केंद्र के रूप में विकसित हो सकते हैं। इससे उद्योग, निवेश, रोजगार और शहरी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना में केएमपी इंटरचेंज, राजीव गांधी एजुकेशन सिटी (आरजीईसी) और मुरथल को प्रमुख पड़ाव के रूप में विकसित करने की योजना है। हालांकि इन क्षेत्रों में भूमि उपलब्ध कराना अभी भी चुनौती बना हुआ है। संबंधित विभाग भूमि प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
शहर के लिए प्रस्तावित अलग स्पर लाइन
आरआरटीएस योजना के तहत नाथूपुर से सोनीपत तक नमो भारत और मेट्रो के लिए साझा ट्रैक प्रस्तावित है। इसके बाद शहर के भीतर जुरासिक पार्क, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और लघु सचिवालय को जोड़ने के लिए अलग स्पर लाइन विकसित करने की योजना है। इससे शहर के प्रमुख क्षेत्रों को रैपिड रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिलेगा।