सोनीपत। हवा चलने से जहां रविवार को सुबह प्रदूषण का स्तर कम हो गया, वहीं शाम को हवा थमते ही फिर से अचानक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने से वातावरण में इसका असर दिखाई दिया। लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन की समस्या भी होने लगी है।
जिले में रविवार सुबह हवा चलने पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 202 तक पहुंच गया। हालांकि शाम को अचानक फिर से उसमें बढ़ोतरी हुई एक्यूआई 305 पर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया। साथ ही पीएम-10 का स्तर 233 और पीएम 2.5 का स्तर 329 दर्ज किया गया। कार्बन ऑक्साइड 70 दर्ज किया गया। ग्रैप-2 लागू होने के बाद भी कूड़ा जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। प्रदूषण के चलते वातावरण में सुबह हल्का स्मॉग छाने लगा है। रविवार सुबह भी हल्का स्मॉग का असर दिखाई दिया। ग्रैप-2 लागू होने के बाद भी कूड़े में आग लगाई जा रही है। हल्का स्मॉग छाने से सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन हो रही है। गले में खराश के मरीज भी बढऩे लगे हैं। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए परेशानी ज्यादा है। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा ने हिदायत दी कि मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। आंखों में जलन महसूस होने पर पानी से धोना चाहिए।
कूड़े में लगाई जा रही आग
कूड़े में आग लगने की घटना थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को भी दोपहर के समय रोहतक रोड स्थित हैफेड गोदाम के पास कूड़ा में आग लगी हुई थी। देर तक आग से धुआं उठता रहा।
प्रदूषण फैलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए छापे डाले जा रहे हैं। अगर कोई आगजनी करते मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी