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व्यवसायी मंगला की कोठी पर चौथे दिन भी खंगाला गया रिकॉर्ड, कई ठिकानों पर जांच पूरी

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सेक्टर-14 स्थित कोठी के बाहर खड़ी गाडिय़ां व गेट पर खड़ा कर्मी। संवाद - फोटो : Sonipat
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गेटवे शिक्षण संस्थान के मालिक व बड़े कारोबारी हरिप्रकाश मंगला की कोठी पर लगातार चौथे दिन आयकर विभाग की टीम रिकॉर्ड खंगालती रही। हालांकि व्यवसायी के अन्य ठिकानों के साथ ही ज्यादातर सहयोगियों के प्रतिष्ठानों पर जांच पूरी हो गई है। करीब आधा दर्जन अन्य सहयोगियों का रिकॉर्ड भी जुटाया गया है। चिटफंड से संबंधित काफी रिकॉर्ड जब्त किया गया है। चिटफंड कारोबारी के पास कई लोग कमेटी डालते हैं।
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गेटवे शिक्षण संस्थान के मालिक हरिप्रकाश मंगला की कोठी संख्या 106 पर शनिवार को भी आयकर विभाग के अधिकारी डटे रहे। उनकी कोठी के बाहर पांच गाड़ियां खड़ी रहीं। कई कर्मी अंदर-बाहर जाते रहे। उनके कई ठिकानों के साथ ही उनके सहयोगियों, साझेदारों और रिश्तेदारों के अधिकांश ठिकानों से आयकर विभाग की टीम जांच पूरी कर लौट गई है। उनकी सेक्टर-14 स्थित कोठी नंबर 119 में मौजूद अधिकारी भी इसी सेक्टर की कोठी नंबर 106 में आ गए हैं। कोठी नंबर 119 के सामने खड़ी रहने वाली अधिकारी की गाड़ी कोठी नंबर 106 के सामने खड़ी रही। शहर में चर्चा है कि छापा मार कार्रवाई में सैकड़ों करोड़ के टैक्स की चोरी पकड़ी जा सकती है।
शिक्षण संस्थान के कार्यालय में एक टीम मौजूद
बताया गया है कि हरिप्रकाश मंगला की कोठी नंबर-119, कोल्ड स्टोर, होटल उत्सव ग्रांड, राकेश अग्रवाल और अन्य कई ठिकानों पर जांच पूरी कर टीम जा चुकी है। वहीं मंगला की कोठी नंबर 106, चिटफंड के कारोबारी और गेटवे शिक्षण संस्थान के कार्यालय में भी टीम मौजूद है।
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चिटफंड कारोबारी की कोठी पर की जा रही जांच
बताया गया है कि आयकर विभाग के हाथ चिटफंड से संबंधित भी रिकॉर्ड लगा है। इसमें शहर के ज्यादातर पैसे वाले लोग सतेंद्र के पास चिटफंड (कमेटी) डालते हैं। इसके अलावा जसबीर, डॉ. सतीश और अन्य कई लोगों के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमें डटी हुई हैं। यहां भी काफी अनियमितताएं मिल सकती हैं। बताया जा रहा है कि जांच रविवार को सुबह तक चलेगी।
शहर में लगातार चल रही चर्चा
छापा मार कार्रवाई को लेकर लगातार शहर में चर्चा चल रही है। लोग मंगला व उसके सहयोगियों पर बुधवार से लगातार जारी छापे को लेकर चर्चा करते दिख रहे हैं। लोगों का मानना है कि इतनी लंबी कार्रवाई में सैकड़ों करोड़ के टैक्स चोरी से पर्दा उठ सकता है।
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