कुंडली थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़ित मानसिक दिव्यांग युवती की हालत में चार दिन बाद भी सुधार नहीं हो सका है। युवती को परिजन पेट में दर्द की शिकायत पर अस्पताल लेकर गए थे तो वह सात महीने की गर्भवती मिली थी। अस्पताल में उसने प्री-मेच्योर बच्चे को जन्म दिया, जिसकी कुछ देर बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने युवती की मां की शिकायत पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया था। युवती की हालत में अभी तक सुधार नहीं हुआ है।
कुंडली थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया था कि उसकी 20 साल की मानसिक दिव्यांग बेटी को पेट दर्द के चलते अस्पताल में लेकर पहुंचे तो उसके सात महीने की गर्भवती होने का पता लगा था। उसके साथ किसी ने दुष्कर्म कर दिया था, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। मानसिक रूप से अविकसित होने की वजह से वह परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं दे सकी। हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों को उसकी प्री-मेच्योर डिलिवरी करनी पड़ी थी। नवजात की कुछ देर बाद मौत हो गई थी। उसके बाद से युवती अस्पताल में भर्ती है। चार दिन बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। वह बेसुध है। कुंडली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रवि कुमार ने बताया कि युवती की हालत में कोई सुधार नहीं है। पुलिस आरोपी के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है।