मौसम ने एक बार फिर रंग बदला है। दोबारा सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार को दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो शनिवार तड़के शुरू हुआ बूंदाबांदी का सिलसिला दो दिन और जारी रह सकता है। उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हो जाएगा। दिनभर जारी रही बूंदाबांदी से अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया।
शनिवार तड़के लोग सोकर उठे तो बूंदाबांदी हो रही थी, जो दिनभर जारी रही। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अंतर भी महज दो डिग्री तक ही रह गया है। बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के चलने से लोग दिनभर कांपते रहे। शनिवार को अवकाश होने के कारण लोग ठंड से बचने के लिए घरों में ही दुबके रहे। मार्केट में ग्राहकों की आवाजाही कम रही। दुकानदारों ने ठंड से निजात पाने के लिए अलाव का सहारा लिया। सुबह फैक्टरी जाने वाले मजदूर भीगते हुए काम पर पहुंचे। कई स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानियां उठानी पड़ी।
जनवरी में इस वर्ष हुई ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में इस बार पिछले कई सालों की अपेक्षा अधिक बारिश हुई है। 10 जनवरी तक जिले में औसतन 78 एमएम बारिश दर्ज हुई थी। शनिवार को 10.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। जनवरी में अब तक हुई बारिश से कई गांवों में किसानों को नुकसान भी झेलना पड़ा है। जिले के कई क्षेत्रों में खेतों में जलभराव हो गया था, जहां से अब तक पानी निकासी नहीं हो पाई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 422 किसानों ने फसलों के खराब होने की शिकायत कृषि विभाग को दी है। अब एक बार फिर मौसम के बदलते रंग ने किसानों की परेशानी बढ़ाने का काम किया है।
कई गांवों में फसलों में भरा पानी
बारिश से महलाना, ककरोई, रोहट, बड़वासनी, बिधलान सहित कई क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल में जलभराव हो गया है। कृषि विभाग ने किसानों से आह्वान किया है कि वे खेतों में पानी जमा न होने दें और पानी निकासी का प्रबंध करें। बारिश से गेहूं के साथ सरसों व सब्जियों की फसलों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जिले में करीब 1.45 लाख हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई की हुई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, रविवार को भी इसी तरह की परिस्थितियां बनी रहेंगी। इसे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है।
कहां कितनी हुई बारिश
सोनीपत 11 एमएम
गन्नौर 8 एमएम
गोहाना 11 एमएम
खरखौदा 6 एमएम
खानपुर 6 एमएम
राई 20 एमएम
नोट : यह आंकड़ा शुक्रवार रात से शनिवार शाम 6 बजे तक का है।
वर्जन
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार को दिनभर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। इससे तापमान में गिरावट आई है। आगामी दो दिन तक आसमान में बादल छाये रहने और बारिश होने की संभावना है। उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हो जाएगा। बारिश के बाद लोगों को कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।
- प्रो. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ