सोनीपत। जरूरतमंदों को सुरक्षित और पक्की छत देने के उद्देश्य से लागू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं। इंडियन रेलवे एसोसिएशन क्षेत्र में बनाए गए योजना के फ्लैट आवंटन के कुछ ही दिनों बाद जर्जर होने लगे हैं। जिन फ्लैटों की चाबियां अभी सौंपी भी नहीं गईं, उनमें भी दरारें, टूट-फूट और गंदगी साफ नजर आ रही हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 11 दिसंबर को यहां 20 पात्र लाभार्थियों को फ्लैटों की चाबियां सौंपी थीं, लेकिन इसके कुछ ही दिनों के भीतर कई तकनीकी खामियां सामने आने लगी हैं। योजना की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। योजना के तहत कुल 509 फ्लैट जरूरतमंद पात्र परिवारों को आवंटित किए जाने हैं।
8 अक्तूबर 2025 को ड्रा निकाला था। योजनानुसार प्रत्येक लाभार्थी को लगभग 30 गज का फ्लैट दिया जा रहा है, जिसके बदले 1 लाख 40 हजार रुपये जमा कराने हैं। यह राशि एकमुश्त या किश्तों में जमा करने का विकल्प भी पात्रों को दिया गया है। पहले चरण में 20 लाभार्थियों को चाबी व पोजेशन प्रमाण पत्र सौंपे थे, जबकि अन्य फ्लैटों का पोजेशन अभी लंबित है।
अब तक भुगतान और पोजेशन की स्थिति
आंकड़ों के अनुसार 509 फ्लैटों में से अब तक 130 पात्रों ने पूरी राशि जमा कर दी है जबकि 37 लाभार्थियों ने 25 प्रतिशत भुगतान किया है। विभाग की ओर से 206 पात्रों को अलॉटमेंट लेटर जारी किए जा चुके हैं लेकिन अभी तक केवल 87 लाभार्थियों को ही फ्लैटों की चाबी मिल पाई है।
सीवर ओवरफ्लो से लेकर दीवारों में दरारें
फ्लैटों की गुणवत्ता को लेकर सबसे गंभीर चिंता सामने आई है। कई फ्लैटों में नलों की टोंटियां खराब हैं तो दीवारों से सीमेंट व पेंट उखड़ा हुआ है। जगह-जगह दरारें हैं तो सीवरलाइन के बार-बार ओवरफ्लो की शिकायत सामने आ रही हैं। इससे वहां रह रहे परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अभी चाबी मिली और समस्याएं शुरू
यहां रह रहे लाभार्थी विपिन कुमार ने बताया कि चाबी मिले कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन सीवर लाइन अक्सर ओवरफ्लो रहती है और फ्लैटों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करवाई जाए और सभी खामियों को जल्द दूर किया जाए।
समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बढ़ेगी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद को सुरक्षित, टिकाऊ और सम्मानजनक आवास देना है। शुरुआत में ही स्थित सही नहीं है तो आने वाले समय में हालात और भी बदतर हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी बनती है कि समय रहते सभी तकनीकी खामियों को दूर किया जाए।
प्रशासन का दावा : खामियां मिलीं तो तुरंत होगी मरम्मत
डीटीपी अजमेर सिंह का कहना है कि 509 फ्लैटों में से कुछ पूरी तरह तैयार हैं जबकि कुछ में अभी काम चल रहा है। फिलहाल किसी बड़ी समस्या की जानकारी नहीं है। यदि किसी फ्लैट में निर्माण या मरम्मत से जुड़ी खामी सामने आती है तो संबंधित बिल्डर को निर्देश देकर उसे तुरंत दुरुस्त करवाया जाएगा। प्रशासन योजना के तहत सभी पात्रों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
फोटो :19 : सोनीपत के पीएम आवास योजना के तहत मिले फ्लैट की जर्जर दीवार। संवाद- फोटो : संवाद
फोटो :19 : सोनीपत के पीएम आवास योजना के तहत मिले फ्लैट की जर्जर दीवार। संवाद- फोटो : संवाद