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Haryana: सोनीपत की प्रीति संभालेगी भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की कमान, साक्षी, मंजू का भी हुआ चयन

Fri, 03 Feb 2023 12:43 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

सोनीपत की प्रीति भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की कमान संभालेगी, सोनीपत की साक्षी राणा, मंजू चौरसिया का भी चयन हुआ है। लाडलियों की उपलब्धि पर परिजनों में खुशी की लहर है। 
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प्रीति। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में हरियाणा के सोनीपत के भगत सिंह कॉलोनी निवासी प्रीति का चयन किया गया है। प्रीति 16 फरवरी से दक्षिण अफ्रीका में होने वाली हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम की कमान संभालेंगी। भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की कप्तान बनने पर प्रीति के परिजन भी फूले नहीं समा रहे हैं।

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परिजनों का कहना है कि बेटी ने अपनी मेहनत से अपने सपने को सच कर दिखाया। भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में चयन होने पर प्रीति भी बेहद खुश हैं। प्रीति का कहना है कि दृढ़ निश्चय के साथ लक्ष्य निर्धारित कर कठोर परिश्रम किया जाए तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती।

सोनीपत की भगत सिंह कॉलोनी में 25 दिसंबर 2002 को राजमिस्त्री शमशेर सिंह के घर जन्मी प्रीति शुरू से ही होनहार है। प्रीति की मां सुदेश गृहिणी हैं। वह अक्सर उन्हें बाहर जाने से रोकती थी। उसके बाद भी अपनी सहेलियों के साथ औद्योगिक क्षेत्र स्थित हॉकी मैदान पर चली जाती थी।
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वहां प्रशिक्षक प्रीतम सिवाच ने हॉकी खेलने के बारे में पूछा तो हामी भर दी। प्रीतम सिवाच को घर की परिस्थितियां बताई तो उन्होंने कहा कि आप मेहनत करो, बाकी सब मुझ पर छोड़ दो। प्रीतम सिवाच के दिए हौसले व प्रोत्साहन से ही मैं अपने सपनों को पंख दे सकी हूं। आज मैं जिस मुकाम पर खड़ी हूं, उसमें मेरे परिजनों के साथ ही प्रीतम सिवाच का बहुत बड़ा योगदान है।

12 साल की उम्र में थामी थी हॉकी
प्रीति ने बताया कि वह जब 12 साल की थी, तब हॉकी खेलने लगी थी। पिता मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। ऐसे में मेरी जरूरतों को मुश्किल से पूरा कर पा रहे थे। साल 2015 में खेलते हुए टखने में चोट लग गई थी। फ्रैक्चर होने के कारण पैर पर प्लास्टर लगा गया। जिस कारण करीब दो साल तक खेल से दूर रही। एक बार लगने लगा था कि अब कभी हॉकी नहीं खेल पाऊंगी, लेकिन उम्मीद नहीं छोड़ी। ठीक होने के बाद फिर अभ्यास शुरू किया। साल 2018 में भोपाल में जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता खेलने लगी। वहां से राष्ट्रीय शिविर के लिए चयन हुआ। फिर कभी मुड़कर नहीं देखा।

2021 में मिली नौकरी
प्रीति बताती हैं कि मार्च 2021 में उन्हें रेलवे में नौकरी मिल गई थी। उसके बाद हालात ठीक हुए। उससे पहले तो पर्याप्त डाइट, हॉकी स्टिक, जूते लेना भी मुश्किल हो जाता था। जिससे खेल भी प्रभावित होता था। परिजनों ने हर कदम पर पूरा साथ दिया। बड़े भाई विक्रम ने भी मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रोत्साहन के चलते ही यहां तक पहुंच पाई हूं।

सोनीपत से तीन खिलाड़ी चयनित
भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में प्रीति के अलावा साक्षी राणा व मंजू चौरसिया का भी टीम में चयन हुआ है। यह खिलाड़ी भी प्रशिक्षक प्रीतम सिवाच के पास ही अभ्यास करती हैं। प्रीतम सिवाच का कहना है कि तीनों ही खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा के दम पर भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में स्थान प्राप्त किया है।

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