संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की हत्या के बाद गांव नाहरी में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हत्यारोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने गांव में पंचायत की। इसके बाद गांव से करीब चार किलोमीटर दूर ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों और दूसरे वाहनों से नरेला पहुंचे। नरेला-नाहरी मार्ग समेत मुख्य सड़क पर धरना दिया। यातायात रोक दिया। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि आरोपियों पर कार्रवाई से पहले प्रमोद के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार सुबह गांव नाहरी में ग्रामीणों ने कहा कि जब तक प्रमोद के हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह शव को पोस्टमार्टम हाउस से नहीं लाएंगे। अंतिम संस्कार भी नहीं करेंगे। गांव के सरपंच और मौजिज लोगों ने बैठक की। ग्रामीणों ने नरेला में धरना देने का फैसला किया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ट्रैक्टर-ट्रालियों और अन्य वाहनों में सवार होकर नरेला के लिए रवाना हो गए।
नरेला में सड़क पर बैठकर पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। करीब ढाई घंटे तक चले धरने के दौरान ग्रामीण मांग पर अड़े रहे। परिवार की महिलाओं में जमकर रोष था और उनका रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना था कि परिवार को न्याय मिलने तक वह पीछे नहीं हटेंगे। दिल्ली पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने प्रमोद के शव को अस्पताल में सुरक्षित रखवाने और हत्यारोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। इससे पहले प्रमोद के भाई विनोद को डीसीपी ने गला लगाया तो उन्होंने कहा कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जिस तरह न्याय करते हैं उन्हें इसी तरह न्याय दिलाया जाए।
इंसेट
रात एक बजे पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे डीसीपी
प्रमोद की हत्या के बाद गांव में उपजे आक्रोश को देखते हुए पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल वीरवार रात करीब एक बजे पीड़ित परिवार से मिलने नाहरी पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। पुलिस के अनुसार हत्यारोपियों की तलाश के लिए करीब 50 पुलिस टीमें गठित की गई हैं। दिल्ली और हरियाणा के साथ राजस्थान में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। डीसीपी ने कहा कि जांच के लिए फिलहाल कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की जा सकती। जल्द ही आरोपियों को पकड़कर मामले का खुलासा किया जाएगा। कई प्रदेशों की पुलिस से सहयोग मांगा गया है। धरना समाप्त होने के कुछ समय बाद शुक्रवार को भी डीसीपी एक बार फिर प्रमोद के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को सुरक्षा का भरोसा देते हुए कहा कि आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इंसेट
सांसद और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने भी परिवार को बंधाया ढांढस
नरेला में धरना समाप्त होने के करीब आधे घंटे बाद सोनीपत के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी नाहरी पहुंचे। उन्होंने प्रमोद के परिजनों से मुलाकात कर घटना पर दुख जताया और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। शाम को भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहनलाल बड़ौली भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और मामले में हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
इंसेट
कंडक्टर से प्रॉपर्टी डीलर तक का किया सफर
प्रमोद ने संघर्ष से अपनी पहचान बनाई थी। नाहरी गांव निवासी प्रमोद के पिता रक्षा विभाग में नौकरी करते थे। पिता की मृत्यु के समय प्रमोद नौवीं कक्षा में पढ़ते थे। उनकी मां साबो देवी ने रोते हुए कहा कि पति के निधन के बाद बड़े बेटे विनोद को नौकरी मिली थी। 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद प्रमोद ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए निजी बस में परिचालक की नौकरी शुरू की। बाद में ठेके पर बस लेकर दिल्ली में बसें चलाईं। कुछ समय रक्षा विभाग में भी अनुबंध के आधार पर चालक की नौकरी की। डेढ़ दशक पहले नौकरी छोड़कर प्रॉपर्टी डीलिंग शुरू की। मेहनत के दम पर जीवन को आगे बढ़ाया। ग्रामीण ने बताया कि वह अक्सर बुलेटप्रूफ डिफेंडर और एंडेवर में चलते थे, हालांकि वीरवार को स्कार्पियो से ही गए थे।
फोटो :: दिल्ली के नरेला में धरने के दौरान प्रमोद के भाई विनोद को गले लगाते डीसीपी शंशाक जायसवाल
फोटो :: दिल्ली के नरेला में धरने के दौरान प्रमोद के भाई विनोद को गले लगाते डीसीपी शंशाक जायसवाल
फोटो :: दिल्ली के नरेला में धरने के दौरान प्रमोद के भाई विनोद को गले लगाते डीसीपी शंशाक जायसवाल