सोनीपत। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए ओपन काउंसिलिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों को लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी निराशा ही हाथ लगी। उच्चतर शिक्षा निदेशालय द्वारा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए शनिवार दोपहर बाद पोर्टल तो खोल दिया, लेकिन इस पर ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पाए। जिससे विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पोर्टल ओपन न होने से प्रतीक्षा सूची जारी नहीं हो पाई।
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में मेरिट सूची में दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों को अब ओपन काउंसिलिंग से ही आस है। शुक्रवार को दाखिले के लिए ओपन काउंसिलिंग शुरू होनी थी, लेकिन दिन भर पोर्टल नहीं खुला। शनिवार को भी दोपहर तक यही स्थिति बनी रही। दोपहर बाद पोर्टल तो खुला, लेकिन ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पाए। पोर्टल न खुलने से विद्यार्थियों का दाखिले को लेकर इंतजार बढ़ता जा रहा है।
महाविद्यालयों में करीब 35 प्रतिशत तक सीटें खाली
महाविद्यालय प्रबंधन की मानें तो जिले के महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की करीब 35 प्रतिशत सीटें खाली हैं। ऐसे में महाविद्यालय प्रबंधन भी ओपन काउंसिलिंग से ही आस लगाए बैठा है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय द्वारा पोर्टल कब खोला जाएगा, इस बारे में भी किसी को जानकारी नहीं है। रविवार को अवकाश है, जिससे प्रतीक्षा सूची के सोमवार को जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तीन नवंबर को जारी हुई थी मेरिट लिस्ट
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 3 नवंबर को पहली मेरिट लिस्ट जारी की गई थी। मेरिट लिस्ट में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को फीस जमा करवाने के लिए 10 नवंबर तक का समय दिया गया था। निर्धारित समयावधि में फीस जमा न करवाने वाले विद्यार्थियों की सीट रिक्त मानकर 12 नवंबर को वेटिंग लिस्ट जारी कर ओपन काउंसिलिंग के माध्यम से दाखिले दिए जाने थे। उसके बाद भी सीट खाली रहती तो 13 नवंबर से पोर्टल ओपन कर नए सिरे से आवेदन मांगे जाने का प्रावधान था। शुक्रवार व शनिवार को पोर्टल न खुलने से विद्यार्थी ओपन काउंसिलिंग में भाग लेने से वंचित रहे।
वर्जन
उच्चतर पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए शुक्रवार से ओपन काउंसिलिंग शुरू होनी थी, लेकिन पोर्टल न खुलने से ओपन काउंसिलिंग शुरू ही नहीं हो पाई। जिससे विद्यार्थियों का दाखिले के लिए इंतजार बढ़ता जा रहा है। अब सोमवार को ओपन काउंसिलिंग के जरिए दाखिला प्रक्रिया सुनिश्चित किए जाने की संभावना है।
- डॉ. बीके गर्ग, प्राचार्य, हिंदू महाविद्यालय, सोनीपत