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162 परिवारों को 50-50 वर्ग गज के प्लाॅट आवंटित

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अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी में डीसी ललित की देखरेख में ड्रॉ निकालता ग्रामीण। संवाद - फोटो : Sonipat
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अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी की जमीन पर रह रहे लोगों के पुनर्वास के लिए वीरवार को प्लॉट आवंटन के लिए ड्रॉ निकाला गया। इसकी शुरुआत डीसी ललित सिवाच ने बच्ची ईशिका से पहला ड्रॉ निकलवाकर की। इसके बाद 162 लोगों को ड्रॉ के माध्यम से 50 वर्ग गज के प्लॉट दिए गए। विभाग द्वारा प्रति व्यक्ति से 1 लाख 66 हजार 77 की राशि 100 किस्तों में वसूल की जाएगी।
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डीसी ललित सिवाच ने कहा कि पंचायती जमीन पर कई वर्षों से रह रहे लोग बेघर न हों, इसके चलते सरकार ने उन्हें प्लॉट आवंटित कर मालिकाना हक देने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले से बहुत कम कीमत में लोगों को प्लॉट का मालिकाना हक मिल जाएगा। इस दौरान एसडीएम सुरेंद्र दून, डीएसपी जोगेंद्र राठी, मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी, बड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा, एसईपीओ जयभगवान, जीटी रोड चौकी इंचार्ज अशोक शर्मा, नपा सचिव प्रदीप खर्ब आदि मौजूद रहे।
9 लोगों के पास है जमीन का मालिकाना हक
जीटी रोड पर अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी के निर्माण के लिए सरकार द्वारा जमीन का अधिग्रहण किया गया था। मार्केटिंग बोर्ड द्वारा करवाए गए सर्वे के अनुसार 9 लोगों के पास जमीन का मालिकाना हक था, जबकि 162 लोग यहां कई वर्षों से रह रहे थे। सरकार ने उन्हें मंडी के साथ लगती हुई जमीन में रिहायशी प्लाट देने की बात कही थी। इसी के चलते डीसी ललित सिवाच की देखरेख में सभी 162 लोगों को प्लॉट आवंटित किए गए। जमीन का मालिकाना हक रखने वाले 9 लोगों को अलग पॉलिसी के तहत प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।
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खेतों में जाने के लिए रास्ता देने की भी मांग
टेहा के ग्रामीणों ने डीसी को सौंपे गए दूसरे मांग पत्र में बताया कि उनकी जमीन मंडी के लिए अधिग्रहीत की गई थी। इसके बाद मंडी की चहारदीवारी कर दी गई। चहारदीवारी करने के बाद उनकी बाकी बची हुई जमीन पर जाने का रास्ता नहीं बचा है। उन्हें दीवार फांदकर अपने खेत मं जाना पड़ता है। उन्होंने उपायुक्त से रास्ता दिलवाने की मांग की है।
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