नियम 134ए के तहत अब तक दाखिले से वंचित विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंतित विद्यार्थियों ने उच्च न्यायालय के फैसले के बाद राहत की सांस ली है। इसमें दाखिले ले चुके विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में बैठाने की बात कही गई है। सोमवार सुबह अभिभावक उच्च न्यायालय के आदेश की कॉपी लेकर मॉडल टाउन स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं मिला। अधिकारियों के न मिलने पर अभिभावकों ने रोष जताया।
इसके बाद अभिभावक एकत्रित होकर कुछ निजी स्कूलों में पहुंचे और उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए बच्चों का दाखिला करने की मांग की, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने किसी प्रकार के आदेश न मिलने की बात कहते हुए आदेशों की कॉपी डीईओ कार्यालय मेें देने की बात कही।
अभिभावकों ने बताया कि उच्च न्यायालय ने 134ए के तहत चल रहे मामले की सुनवाई करते हुए शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को बैठाना सुनिश्चित करवाएं। उच्च न्यायालय के आदेश की कॉपी लेकर वे सोमवार सुबह मॉडल टाउन स्थित बीईओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन यहां कोई अधिकारी नहीं मिला। इसके बाद वे निजी स्कूलों में भी गए, लेकिन उन्होंने आदेशों की कॉपी देखना मुनासिब नहीं समझा। निजी स्कूल संचालकों ने कहा कि हमें कोई आदेश नहीं मिले हैं। इसलिए आदेश की कॉपी डीईओ कार्यालय में जाकर दिखाएं, जिसके बाद अभिभावक लौट गए। बच्चों को दाखिला न मिलने से अभिभावकों में शिक्षा अधिकारियों व निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ रोष बना व्याप्त है।
तीन माह से घर बैठे हैं बच्चे
बीईओ कार्यालय पहुंचे अभिभावकों ने कहा कि बच्चे तीन माह से घर पर बैठे हुए हैं। नियम 134 ए के तहत ड्रॉ में नाम आने के बावजूद निजी स्कूलों में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। बच्चों का दाखिला करवाने के लिए उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों व निजी स्कूलों के चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद उन्हें मजबूरन अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अभिभावकों ने मांग की है कि सभी पात्र विद्यार्थियों को जल्द दाखिला दिलवाया जाए।
वर्जन
नियम 134ए के तहत उच्च न्यायालय के जो आदेश आए हैं, उनमें कहा है कि जो दाखिले पहले हो चुके हैं, उन बच्चों को बैठाने से मना न किया जाए। अब तक दाखिले से वंचित विद्यार्थियों को लेकर कोई आदेश नहीं आए हैं। जिन विद्यार्थियों का दाखिला होने के बावजूद निजी स्कूल उन्हें बैठाने से मना कर रहे हैं वे कार्यालय में शिकायत दें। समाधान किया जाएगा।
- बिजेंद्र नरवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत