संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के नरसंहार पर सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं और रक्षक सेना भारत की जिला इकाई के कार्यकर्ताओं ने तिरंगा चौक पर एकत्रित होकर पाकिस्तान व आतंकवाद विरोधी नारे लगाए। इसके बाद कार्यकर्ता रोष जताते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम नगराधीश डॉ. अनमोल को ज्ञापन दिया।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पाकिस्तान पर विश्वव्यापी दबाव बनाते हुए भारत सरकार को पाक को निर्यात व अन्य अनुबंध संबंधों को खारिज कर देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने वक्फ बोर्ड कानून का विरोध करने वाले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सोनीपत से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के चित्रों को रौंदा। रक्षक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत तिहाड़, मनीष राय, राकेश चोपड़ा, देवेंद्र, आनंद, सुभाष चंद्र, सुखविंद्र ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवाद और पश्चिम बंगाल में जिहादी मानसिकता से प्रेरित हिंदुओं के घरों को आग लगाने, धर्म व नाम पूछकर जिहादी मानसिकता वाले लोग हिंदुओं को मारने, भयभीत करने के लिए खुलेआम लोगों को काटने व जलाने जैसे घिनौने कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रपति से मांग है कि जम्मू-कश्मीर व पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के अल्पसंख्यक होने के चलते उन्हें संरक्षण देने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। नरसंहार की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी से करवाई जाए। आए दिन होने वाले नरसंहार की रोकथाम के लिए संविधान में जो सजा का अधिनियम है, उसमें बदलाव करके दोषियों को चौक-चौराहे के बीच उन्हीं की मानसिकता के अनुरूप सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में जिहादी व आतंकी मानसिकता वाले लोगों की ओर से किए जा रहे जनमानस के नरसंहार को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि जिहादी मानसिकता से प्रेरित आतंकवादियों ने हिंदुओं में भय उत्पन्न करने व पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा न मिले, जम्मू-कश्मीर के लोगों को रोजगार न मिले इसी सोच के साथ हिंदुओं के नाम, धर्म पूछ-पूछकर उन्हें मारा है। सरकार से मांग है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाए।
फोटो 04- सोनीपत के तिरंगा चौक पर सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के सदस्यों के साथ प्रदर्शन करते रक्