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रूस-यूक्रेन युद्ध: मेडिकल विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर, ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगी पढ़ाई

Tue, 15 Mar 2022 09:47 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों के मोबाइल पर वहां के विवि प्रबंधन ने संदेश भेजे हैं। कई विवि की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई है। कुछ की 21 मार्च से शुरू होंगी। अपने भविष्य को लेकर चिंतित बैठे विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली।
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यूक्रेन से लौटे अमन तिवारी से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछते भाजपा पूर्वांचल प्रकोष्ठ के पदाधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रूस के यूक्रेन पर किए जा रहे हमलों के बावजूद वहां के विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मेडिकल कक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम से लगाने का निर्णय लिया है। यूक्रेन के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने उनके पास मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के मोबाइल पर संदेश भेजकर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू किए जाने की जानकारी दी है। यूक्रेन के कुछ विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन कक्षाएं लगानी शुरू कर दी हैं, जबकि कुछ विवि की कक्षाएं 21 मार्च से शुरू होंगी। 

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मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए हरियाणा के सोनीपत जिले से 106 विद्यार्थी यूक्रेन गए थे। 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया, जिसके बाद सभी फ्लाइट रद्द हो गई थी और विद्यार्थी वहीं फंस गए थे। मुश्किल हालातों के बीच यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को केंद्र सरकार ने ऑपरेशन गंगा के तहत वतन वापसी का अभियान शुरू किया।

अब तक जिले के 104 विद्यार्थियों की घर वापसी हो चुकी है, जबकि 2 विद्यार्थी वहां की नागरिकता लेकर वहीं रह रहे हैं। युद्ध के बीच घर लौटे सभी विद्यार्थियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी थी। इस बीच यूक्रेन के विभिन्न विश्वविद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों के मोबाइल पर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने का संदेश भेजा। विद्यार्थियों का कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से ही सही, लेकिन वे अपने चिकित्सक बनने के सपने को पूरा कर पाएंगे। विद्यार्थियों ने जल्द युद्ध खत्म होने के लिए प्रार्थना की। 
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केंद्र व राज्य सरकार विद्यार्थियों की परेशानियों को दूर करने के लिए उठा रही कदम 
भाजपा पूर्वांचल प्रकोष्ठ हरियाणा के पदाधिकारियों ने यूक्रेन से लौटे मेडिकल के छात्र औद्योगिक क्षेत्र निवासी अमन तिवारी से मुलाकात की और कुशलक्षेम पूछा। पूर्वांचल प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पंडित शंकर शास्त्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच केंद्र सरकार ने ऑपरेशन गंगा के तहत सभी विद्यार्थियों की वतन वापसी करवाई।

प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक संजय ठेकेदार, प्रदेश सह मीडिया प्रमुख संजय कुमार मिश्रा, जिला सह संयोजक अभिमन्यु सिंह, संतोष ठाकुर ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार स्वदेश लौटे विद्यार्थियों की परेशानियों को दूर करने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि भारतीय विद्यार्थियों के चिकित्सक बनाने के लिए सरकार हर संभव व्यवस्था करेगी। 

बीआर तिवारी व प्रेमा तिवारी के बेटे अमन ने कहा कि वह यूक्रेन में लवीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के आठवें सेमेस्टर का छात्र है। यूक्रेन से लौटने के बाद भविष्य की चिंता सताने लगी थी। अब ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद वे पढ़ाई जारी रख सकेगा।

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सुकश। सिद्धार्थ सैनी। ऋषभ। सौरभ जैन। प्रतीक। साहिल। मानसी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह बोले विद्यार्थी
मैं यूक्रेन की खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस का तृतीय वर्ष का छात्र हूं। इस वर्ष में मुख्य विषय होते हैं, जिनको ऑफलाइन कक्षाओं में पढ़ाई के साथ सीखना पड़ता है। युद्ध के चलते ऑफलाइन कक्षाएं बंद हैं। अब यूनिवर्सिटी ने 21 मार्च से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का शेड्यूल भेजा है। हालांकि ऑनलाइन कक्षाओं का सीखने में इतना फायदा तो नहीं मिलेगा, लेकिन इससे उन्हें अपना भविष्य सुरक्षित नजर आ रहा है। - साहिल लठवाल, गांव मुंडलाना
 
मैं यूक्रेन की दनीप्रो वीएस स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस का चौथे वर्ष का छात्र हूं। युद्ध के चलते विश्वविद्यालय बंद होने से भविष्य को लेकर चिंता थी। अब सोमवार से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं तो आस जगी है कि इससे उनका साल खराब नहीं होगा। हालांकि अभी ऑनलाइन कक्षाएं कब तक चलेंगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। चूंकि युद्ध के चलते अब भी कक्षाओं के बंद होने की आशंका बनी हुई है। - सौरव जैन, अनाज मंडी, गोहाना
 
मैं खारकीव यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। युद्ध के बाद घर तो लौट आई, लेकिन भविष्य को लेकर चिंता सता रही थी। विवि प्रबंधन की तरफ से मोबाइल पर 21 मार्च से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने का संदेश भेजा गया है। इससे राहत मिली है। अब हमारा साल खराब होने से बच जाएगा। मैं अपने चिकित्सक बनने के सपने को भी पूरा कर सकूंगी। - मानसी, दीपालपुर
 
यूक्रेन स्थित विवि से ऑनलाइन पढ़ाई करवाने का संदेश आया है, लेकिन भारतीय मेडिकल काउंसिल मेडिकल की ऑनलाइन पढ़ाई को मान्यता ही नहीं देती है। ऐसे में हम ऑनलाइन पढ़ाई कर भी लें तो वह हमारे किसी काम नहीं आएगी। रही बात स्थिति सामान्य होने पर यूक्रेन जाकर पढ़ाई करने की तो युद्ध के बीच जो भारत व यूक्रेन के संबंध बने हैं, उनके बाद वहां पर रहकर भारतीय विद्यार्थियों को पढ़ाई कर पाना आसान नहीं होगा। सरकार से यही मांग है कि हमारी आर्थिक स्थिति को समझते हुए व हालातों के मद्देनजर यहीं पर सभी विद्यार्थियों की पढ़ाई करवाएं। पढ़ाई पूरी होने पर परीक्षा लेकर पास आउट विद्यार्थियों को भारत में अभ्यास करने की मान्यता दें। - सिद्धार्थ सैनी, खरखौदा
 
मैं विनितशाह मेडिकल कॉलेज में आखिरी सेमेस्टर का विद्यार्थी हूं। युद्ध के बाद घर तो लौट आया, लेकिन भविष्य की चिंता सता रही थी। इस बीच विश्वविद्यालय ने 14 मार्च से आनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। अब आनलाइन कक्षा लेकर अपनी पढ़ाई सुचारु रख रहा हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि युद्ध जल्दी खत्म हो। - प्रतीक, गन्नौर
 
मैं यूक्रेन की खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा हूं। युद्ध के बाद भविष्य की चिंता सताने लगी थी। अब विश्वविद्यालय की तरफ से संदेश आया है कि 21 मार्च से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होंगी। मैसेज आने से उसकी उम्मीद सी जगी है। वहीं परिजनों ने भी राहत की सांस ली है। अब मेहनत से पढ़ाई कर अपने चिकित्सक बनने के सपने को पूरा करूंगा। - सुकश पहल, गन्नौर
 
रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद मैं घर तो लौट आया, लेकिन मेडिकल की पढ़ाई कैसे कर पाऊंगा, यह चिंता हमेशा सताती रहती थी। भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि युद्ध खत्म हो और मैं वापस से अपनी पढ़ाई शुरू कर सकूं। विवि ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर काफी हद तक चिंता खत्म कर दी है। - ऋषभ, गन्नौर
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