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एक चिकित्सक की अदालत तो दूसरे की ओटी में लगी ड्यूटी, आंखों की जांच कराने के लिए भटकते रहे मरीज

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नागरिक अस्पताल में आंखों की जांच कराने आया पुलिसकर्मी चिकित्सक नहीं मिलने के कारण लौटता हुआ। सं? - फोटो : Sonipat
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नागरिक अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है। एक नेत्र रोग विशेषज्ञ की अदालत तो दूसरे चिकित्सक की ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटी होने के कारण ओपीडी सेवा दिनभर बाधित रही। जिस कारण आंखों की जांच कराने के लिए अस्पताल में पहुंचे मरीजों को बिना इलाज के लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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पहले ही गर्मी में नेत्र रोग समेत अन्य बीमारियों के मरीज बढ़ रहे है, लेकिन अस्पताल में उपचार नहीं मिलने के बाद लोगों की परेशानी और बढ़ रही है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को अगर चिकित्सकों की कहीं और ड्यूटी लगानी थी तो वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील मानिकटालिया, डॉ. विकास चहल व डॉ. लतिका खत्री ओपीडी लगाते हैं। यहां पर रोजाना 200 से ज्यादा मरीज आंखों की जांच कराने के लिए पहुंच रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लतिका खत्री कई माह से मातृत्व अवकाश पर हैं। शुक्रवार को अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉ. सुशील मानिकटालिया को पानीपत अदालत में साक्ष्य (एविडेंस) पर भेजा गया। जबकि विकास चहल की ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटी लगाई गई।
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ओपीडी में दोनों विशेषज्ञ नहीं होने के कारण शुक्रवार को अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीज भटकते रहे। गर्मी में पहले ही काफी संख्या में आंखों के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने से मरीजों को इलाज मुहैया नहीं हो सका। ऐसे में उन्हें निजी अस्पताल में चिकित्सक से इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। कई मरीजों को लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। ओपीडी में नेत्र रोग विशेषज्ञ की मौजूदगी न होने से युवाओं की चिकित्सा जांच भी अधूरी रह गई। लोगों ने मांग की है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से ओपीडी में नेत्र रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी जरूर लगाई जाए। कहीं पर ड्यूटी लगाने पर दूसरी व्यवस्था की जाए, ताकि आने वाले मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
अस्पताल की ओपीडी में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं होने का मामला संज्ञान में नहीं है। उप चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि गर्मी में सभी चिकित्सक ओपीडी जरूर लगाएं। अगर किसी विशेषज्ञ को बाहर या अन्य ड्यूटी पर जाना है तो उनके स्थान पर दूसरे चिकित्सक की ड्यूटी लगाएं। अस्पताल में उपचार कराने के लिए आए मरीजों को भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी न हो। डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, सोनीपत।
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