सोनीपत। नेशनल हाईवे-44 को जिले के विकास की धूरी माना जाता है। जिले की 30 किलोमीटर सीमा से गुजर रहे हाईवे को अब तक शहर की मुख्य दो सड़कें बहालगढ़ व मुरथल रोड ही जोड़ती हैं। अब जल्द ही चार अन्य सड़कें भी हाईवे तक बनाई जाएंगी जिससे इन दोनों मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा। साथ ही लोगों का हाईवे से जुड़ाव और सुगम हो सकेगा। इसके लिए जल्द ही योजना तैयार की जाएगी।
दिल्ली को हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू व कश्मीर से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-44 का चौड़ीकरण किया जा चुका है। 12 मार्गी इस हाईवे की कनेक्टिविटी सोनीपत शहर से बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए बाकायदा अधिकारी निरीक्षण तक कर चुके हैं। अधिकारियों की एक टीम ने एनएच-44 से कनेक्ट होने वाले मार्गों को ब्योरा तैयार करना शुरू कर दिया है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं महानगर विकास प्राधिकरण के सलाहकार डीएस ढेसी ने भी सोनीपत में निरीक्षण किया था। उन्होंने अपने साथ जिला नगर योजनाकार नरेश कुमार, एचएसवीपी के संपदा अधिकारी विजय राठी, एक्सईएन पवन कुमार एवं सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण के एक्सईएन अमित को साथ लेकर निरीक्षण करने के बाद सड़कों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे।
वर्तमान में नेशनल हाईवे-44 को शहर से जोड़ने वाली इन सड़कों पर काफी काम करना होगा। किसी मार्ग पर अवैध कब्जा है तो किसी को लेकर कोर्ट में मामला विचाराधीन है। अधिकारी अगर पहल करते हुए काम करेंगे तो इनको जल्द धरातल पर लाना आसान हो सकेगा।
हाईवे से जुड़ेंगी यह सड़कें
-सेक्टर 5-6 के बीच की सड़क
-सेक्टर 8-19 के बीच की सड़क
-सेक्टर 11-16 के बीच की सड़क
-सेक्टर 10-17 के बीच की सड़क
सड़क बनने के बाद यह मिलेगा फायदा
नेशनल हाईवे-44 से जुड़ाव बढ़ने का शहरवासियों को काफी फायदा होगा। अब तक मुरथल और बहालगढ़ रोड के सहारे ही हाईवे पर जाना पड़ता है। दोनों ही सड़कों पर वाहनों का दबाव बना रहता है। ऐसे में चार और नए रास्ते मिलने से जुड़ाव बढ़ जाएगा। कई बार बहालगढ़ व मुरथल चौक पर वाहनों की अधिकता से इन दोनों मार्गों पर वाहनों की कतार लग जाती है। नई सड़क मिलने से लोग उनसे हाईवे पर जा सकेंगे। इससे जाम की समस्या नहीं रहेगी। साथ ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को हाईवे पर जाने के लिए उनके पास से ही नई सड़क मिल सकेगी। इससे उनका समय भी बचेगा।
वर्जन
नेशनल हाईवे से जुड़ाव बढ़ाने के लिए पहल शुरू हो चुकी है। चार नए मार्ग तलाशे गए हैं। यह सभी मार्ग एचएसवीपी के सेक्टर की सड़कें हैं। मार्ग बनाने की जिम्मेदारी एसएमडीए को दी जाएगी। इसके बाद एसएमडीए की तरफ से सड़कों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। इससे शहरवासियों को फायदा होगा।-विजय राठी, संपदा अधिकारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण