उपमंडल में करीब ढाई महीने से तहसीलदार का पद खाली होने और नायब तहसीलदार के विभागीय परीक्षा देने जाने से लोगों के कार्य नहीं हो रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने सोनीपत के तहसीलदार को गोहाना का अतिरिक्त चार्ज दिया है, लेकिन वह दोपहर बाद आते हैं। इससे लोग सुबह से ही कार्यालय के बाहर बैठकर इंतजार करते रहते हैं। इससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से इसका समाधान करने की मांग की है।
गोहाना उपमंडल में तहसीलदार रोशनलाल के 30 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद खाली है। अब तक नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार तहसील के कार्य संभाल रहे हैं, लेकिन वह विभागीय परीक्षाओं के चलते छुट्टी पर गए हुए हैं। इससे तहसील कार्यालय में लोगों के कार्यालय अटके हुए हैं।
शहर के साथ ही उपमंडल के गांवों से लोग अपनी रजिस्टरी, इंतकाल, जमीन ट्रांसफर आदि कार्यों के लिए आते हैं। इसके बावजूद तहसीलदार व नायब तहसीलदार न होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। इसको लेकर वह मंगलवार को एसडीएम आशीष वशिष्ठ से मिलने भी गए। एसडीएम ने बताया कि सोनीपत के तहसीलदार को यहां का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। वह दोपहर बाद आकर यहां के कार्य निपटाते हैं। ऐसे में लोग उनके इंतजार में कार्यालय के बाहर बैठ गए।
यह बोले लोग
पिता की जमीन ट्रांसफर कराने के साथ ही उनका इंतकाल कराना है। इसके लिए तहसीलदार के हस्ताक्षर करवाने थे। इस कार्य के लिए वह सुबह 10 बजे ही तहसील कार्यालय में पहुंच गया था, लेकिन एक बजे तक न तहसीलदार आए और न हस्ताक्षर हुए। सरकार को लोगों की सुविधाओं की तरफ ध्यान देना चाहिए।
- दलसिंह, निवासी, गांव गंगाना।
जमीन पिता के नाम है। इस जमीन का उन्होंने अब इंतकाल कराना है। यह कार्य तहसीलदार द्वारा ही किया जाना है, लेकिन सुबह से उनका इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए वे एसडीएम से भी मिले थे। उन्होंने दोपहर बाद तहसीलदार के आने की बात कही। उनके पास अतिरिक्त चार्ज होने का पता चला है। इस प्रक्रिया को सरकार ने बदलना चाहिए और यहां स्थायी अधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए।
- सतीश, निवासी, ईशापुर खेड़ी।
यहां तहसीलदार का पद खाली है और नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार की विभागीय परीक्षाएं चल रही हैं। इस सप्ताह वह छुट्टी पर रहेंगे। ऐसे में जिला प्रशासन ने सोनीपत के तहसीलदार को अतिरिक्त चार्ज दिया है। वह सोनीपत का कार्य निपटाकर दोपहर बाद आकर यहां कार्य कर रहे हैं, ताकि आमजन को परेशानी न हो।
- आशीष वशिष्ठ, एसडीएम गोहाना।