सोनीपत। शहर में कामी रोड स्थित सहकारी चीनी मिल से उड़कर आने वाली राख से लोगों को अब राहत मिलेगी। मिल से उड़ने वाली राख की वजह से सेक्टरों समेत 12 कॉलोनियों में रहने वाले करीब डेढ़ लाख लोगों को परेशानी हो रही थी। मिल प्रबंधन की ओर इस बार सात लाख रुपये खर्च करके वेट स्क्राइबर सिस्टम अपग्रेड किया गया है ताकि मिल की चिमनी से धुएं के साथ गिरने वाली राख को रोका जा सके। इसके लिए चिमनी में वेट स्क्राइबर सिस्टम लगाया गया है।
शुगर मिल से आने वाली राख के कारण जटवाड़ा, धोबीवाड़ा, हनुमान नगर, ऋषि कॉलोनी, ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, साबुन दरवाजा, सैनीपुरा, हलवाई हट्टा, आदर्श नगर, धानक बस्ती, शिव कॉलोनी, मामचंद कॉलोनी, ऋषिकुंज कॉलोनी, जीवन विहार, सेक्टर-14 व 15 में रहने वाले करीब डेढ़ लाख लोगों को परेशानी हो रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए यहां के लोग कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके थे। शुगर फेड हरियाणा की ओर से बजट मिलने के बाद मिल प्रशासन ने सात लाख रुपये की लागत से वेट स्क्राइबर सिस्टम को अपग्रेड किया है। इसके बाद चिमनी से धुएं के साथ गिरने वाली राख से अब शहर के लोगों को परेशानी नहीं होगी। मिल प्रबंधन ने लोगों की परेशानी को देखते हुए चिमनी के साथ लगे वेट स्क्राइबर सिस्टम को अपग्रेड किया है। मिल के अधिकारियों का कहना है कि अब मिल से निकलने वाले धुएं के साथ राख पहले से बहुत कम मात्रा में निकलेगी। राख को एकत्रित करने के लिए मिल परिसर में हौद की गहराई को बढ़ाया गया है। हौद में एकत्रित होने वाली राख को निकालकर मिल की खाली पड़ी जमीन पर एकत्रित किया जा रहा है।
वर्जन
वेट स्क्राइबर सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। चिमनी से धुएं के साथ गिरने वाली राख से अब शहर के लोगों को राहत मिलेगी। सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए सात लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
- मंजीत पहल, चीफ इंजीनियर, सहकारी चीनी मिल, सोनीपत