अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) मोहम्मद अकील ने कहा कि कानून व्यवस्था अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। उपद्रव करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। वह रविवार को जिला पुलिस लाइन मैदान में जिला पुलिस की सातों कंपनियों व ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की रिहर्सल देखने के बाद लघु सचिवालय में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सभी सिविल व पुलिस अधिकारी आपस में बेहतर तालमेल बनाकर एक टीम की तरह कार्य करें। गांव-गांव जाकर लोगों को समझाएं कि किसी भी मामले का हल कानून व्यवस्था बिगाड़ने से नहीं होता। इसके साथ ही जनता से बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। जाट आरक्षण की मांग को लेकर धरने के अल्टीमेटम पर उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति पर पैनी नजर रखें और समय पर आवश्यक कार्रवाई करें। इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक नवदीप सिंह विर्क, उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग, पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी, सीटीएम सुरेंद्र दून, एसडीएम निशांत यादव, अजय कुमार, राजीव अहलावत, डॉ. निर्मल नागर, डीएसपी राहुल देव, मुकेश कुमार, ओमप्रकाश, राजीव देशवाल, भारती डबास मौजूद रहे।
अलग-अलग टीम बनाकर निर्धारित की ड्यूटी
मोहम्मद अकील ने कहा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों की धरने के अल्टीमेटम के चलते अलग-अलग टीमें बनाकर ड्यूटियां निर्धारित की गई हैं। ऐसे में कोई भी अधिकारी व कर्मचारी स्टेशन न छोड़े। राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे लाइनों और नहरों पर विशेष तौर पर निगरानी रखनी है। किसी भी तरह की सूचना को हलके में लेने की बजाए उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
सात टीमों ने की मॉक ड्रिल
पुलिस लाइन में रविवार को सभी सात टीमों ने मॉक ड्रिल की। इस दौरान जहां डीएसपी मुकेश जाखड़, राजीव देशवाल व ओमप्रकाश अगल-अलग टुकड़ियों को कमांड दे रहे थे। वहीं, पुलिसकर्मी भागो, बचो, दीवार बनाओ, पत्थर से स्वयं को बचाओ के शब्दों से अपनी तैयारी करते नजर आए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया।