कुंडली बॉर्डर पर युवक की बर्बरता से हत्या की घटना के बाद चार निहंग आत्मसमर्पण कर चुके हैं। बॉर्डर पर डटे निहंगों ने अब किसी अन्य साथी का आत्मसमर्पण नहीं कराने की बात कही है। उन्होंने पुलिस को चेताया है कि मामले में चार ही आरोपी शामिल थे। अन्य को इस मामले में न पकड़ा जाए। साथ ही मृतक लखबीर के खिलाफ बेअदबी के मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
रविवार देर शाम को कुंडली में बैठक के बाद निहंगों ने कहा कि पुलिस को लखबीर के खिलाफ शिकायत सौंप दी है। निहंग बाबा राजा राम सिंह ने कहा कि श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी कभी भी सहन नहीं की जा सकती। उनके चार साथियों ने गिरफ्तारी दे दी है, अब अन्य कोई गिरफ्तारी नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार सिखों को आतंकवादी कह रही है, जबकि वह खुद आतंकवादी है। साथ ही निहंग प्रमुख ने कहा कि एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष में अगर दम है तो यहां आकर सामने बैठकर बात करें। अध्यक्ष ने वीडियो जारी कर निहंगों से पूछा है कि कौन से गुरु साहबान की शिक्षा है कि इस बेरहमी से इंसान को मार डालो।
उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का एलान किया है। निहंग बाबा राजा राम सिंह ने कहा कि वर्ष 2015 से बेअदबी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं लेकिन सरकार या कानून ने उन्हें न्याय नहीं दिया। अब वह खुद कानून हाथ में लेने पर मजबूर हुए हैं।
निहंगों को लेकर असमंजस में मोर्चा
निहंगों के आंदोलन में शामिल न होने से संबंधित बयान देने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दुविधा में आ गए हैं। उनके सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह निहंगों को धरनास्थल से कैसे हटाएं। बताया जा रहा है कि रविवार को इस मामले को लेकर मोर्चा की बैठक भी हुई लेकिन उसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका। वहीं निहंगों ने कहा कि एसकेएम कानून की बात करता है तो वह यहां किसलिए बैठे हैं। कृषि कानूनों पर तो कोर्ट ने स्टे लगा रखा है।
पुलिस रीक्रिएट करेगी क्राइम सीन
कुंडली बॉर्डर पर दो दिन पहले हुई लखबीर सिंह की हत्या के केस में आरोपियों के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस उनसे अलग-अलग पूछताछ कर रही है। पुलिस आरोपियों को साथ ले जाकर सीन को री-क्रिएट करेगी। जिससे मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने में मदद मिल सके।
आरोपियों के चेहरे पर नहीं दिखी शिकन, नारे लगाते हुए बाहर निकले
चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जा चुका है लेकिन इनमें से किसी के भी चेहरे पर शिकन तक नहीं है। रविवार को पेशी के बाद बाहर आए तो निहंग भगवंत सिंह, नारायण सिंह व गोविंद सिंह नारे लगाते हुए बाहर निकले। आरोपियों ने पुलिस की गाड़ी में बैठने से पहले जो बोले, सो निहाल के नारे लगाए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और गाड़ी में बैठाकर ले गई।
पुलिस ने सुबूत जुटाने शुरू किए
एडीजीपी संदीप खिरवार और एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने रिमांड पर लिए गए चारों निहंगों से अलग-अलग पूछताछ की है। पुलिस ने कुछ हथियार बरामद करने का दावा किया है। अब पुलिस पता लगा रही कि वारदात में प्रयुक्त हथियार कहां छिपाए गए हैं।
नारायण सिंह चौथी, भगवंत पांचवीं पास और गुरप्रीत अशिक्षित
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 50 वर्षीय नारायण सिंह चौथी कक्षा पास है। वहीं 32 साल के भगवंत सिंह ने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। मामले में आरोपी गोविंद प्रीत अशिक्षित है।
उन्होंने (निहंगों) ने कहा कि यह एक धार्मिक मामला है और सरकार को इसे किसानों के विरोध से नहीं जोड़ना चाहिए। हम उनसे बात कर रहे हैं कि अभी उनकी यहां जरूरत नहीं है। सरकार स्थिति को खराब कर सकती है। साजिश को सरकार ने अंजाम दिया था। राकेश टिकैत।