नगर निगम के अधिकारियों ने बूस्टिंग स्टेशनों पर टैंकों की सफाई कराने में लापरवाही बरती। भीषण गर्मी में स्वच्छ पेयजल के लिए दो दिन से तरस रहे लोगों के घरों में शुक्रवार सुबह भी दूषित पानी की आपूर्ति कर दी। ऐसे में शहर के पूर्वी क्षेत्र के लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। दूषित पानी की आपूर्ति होने पर लोगों ने फोन किए तो निगम अधिकारी हरकत में आए। शुक्रवार दोपहर बाद स्वच्छ पानी की आपूर्ति शुरू होने पर करीब डेढ़ लाख लोगों को राहत मिल सकी। लोगों का कहना था कि पहले ही शहरवासी बिजली संकट से जूझ रहे हैं, अब निगम के अधिकारी घरों में दूषित पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को कैंपर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
नगर निगम की ओर से बुधवार देर रात गांव जाजल स्थित रेनीवेल के पानी से शहर के आठ बूस्टिंग टैंकों को भरा जा रहा था। इस दौरान अचानक दूषित पानी की आपूर्ति हो गई थी। इसकी सूचना कर्मचारियों ने निगम के अधिकारियों को फोन पर दी। सूचना मिलने के बाद निगम अधिकारियों ने तुरंत रेनीवेल के ट्यूबवेलों को बंद करा दिया था। वीरवार सुबह कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति नहीं की थी। दूषित पानी से भरी लाइनों व बूस्टिंग स्टेशनों को खाली कराया गया था। पेयजल पाइपलाइन को खाली करने में आठ घंटे लग गए थे। वीरवार दोपहर बाद रेनीवेल से दोबारा पानी की आपूर्ति करके टैंकों को भरा गया और टैंकों की पूर्ण सफाई न होने के कारण वीरवार दोपहर बाद भी घरों में दूषित पानी की आपूर्ति कर दी। यहीं नहीं शुक्रवार सुबह भी दूषित पानी की आपूर्ति होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। ऐसे में शहर के अधिकतर लोगों ने कैंपर खरीदने को मजबूर होना पड़ा।
इन बूस्टिंग स्टेशनों की नहीं हुई पूर्ण सफाई
निगम अधिकारियों ने बताया कि जाजल से लेकर शहर तक पानी आपूर्ति के लिए लोहे के पाइप बिछा रखे हैं। इन लाइनों के अंदर जंग लगने से अचानक दूषित पानी की आपूर्ति बूस्टिंग स्टेशनों पर हो गई थी। वीरवार दोपहर बाद की तरह शुक्रवार सुबह आईटीआई बूस्टिंग स्टेशन, सुजान सिंह पार्क, जानकीदास अस्पताल, धानक बस्ती, ऋषि कॉलोनी, मुरथल रोड स्कूल के पीछे बूस्टिंग टैंकों से दूषित पानी की आपूर्ति कॉलोनियों में हो गई, जिससे लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। इसके बाद लोगों ने निगम अधिकारियों को फोन किए तो उन्होंने दोपहर तक स्वच्छ पानी आपूर्ति कराने का आश्वासन दिया। दोपहर दो बजे के बाद कॉलोनियों में स्वच्छ पानी की आपूर्ति शुरू हो सकी। इसके बाद गर्मी में लोगों को साफ पानी नसीब होने पर राहत मिल सकी।
यह बोले लोग
दो दिन से दूषित पानी आपूर्ति होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। लोगों को कैंपर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण कॉलोनियों में दूषित पानी की आपूर्ति हुई है। शिकायत करने के बावजूद निगम अधिकारियों की ओर से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
- हिमांशु शर्मा, निवासी हेमनगर
नगर निगम की ओर से स्वच्छ पानी की आपूर्ति करने में लापरवाही बरती गई है। वीरवार शाम व शुक्रवार सुबह दूषित पानी की आपूर्ति होने के कारण लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। पहले ही बिजली किल्लत की वजह से पानी की कम आपूर्ति हो रही थी, अब निगम की ओर से दूषित पानी की आपूर्ति करने से लोगों की परेशानी बढ़ा दी गई।
- महावीर शर्मा, निवासी नरेंद्र नगर
वर्जन
रेनीवेल की लाइन से बुधवार रात अचानक खराब पानी की आपूर्ति हुई थी। पेयजल लाइन के अंदर जंग होने से यह समस्या बनी थी। शुक्रवार दोपहर बाद से कॉलोनियों में स्वच्छ पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। अब शहर के पूर्वी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को दूषित पानी आपूर्ति से निजात मिलेगी।
- सतीश कुमार, पालिका अभियंता, नगर निगम